श्री सत्यनारायण चालीसा (Satyanarayana Chalisa)
श्री सत्यनारायण चालीसा
दोहा
जय सत्यनारायण प्रभु, जय जय विष्णु भगवान।
करहु कृपा जगत पर, तुम बिन कौन सहाय।।
चौपाई
सत्य स्वरूप अनंत प्रभु, जय जय विष्णु अवतार।
सत्यव्रत पालन करहु, करो जनों का उद्धार।।
सत्य की महिमा अपार है, जो कोई ध्यान लगावे।
सत्यनारायण पूजन करि, भवसागर तर जावे।।
व्रत कथा श्रवण करन से, मिटे संकट सब भारी।
दरिद्रता दूर हो जाती, मनवांछित फल संसारी।।
पूर्णिमा के दिन विशेष, पूजा तव जन करें।
भोग, दीप, पुष्प चढ़ाकर, अरमान अपने धरें।।
सत्य वचन पालन करि जो, जीवन सफल बनावे।
धन, ऐश्वर्य, सुख, संपत्ति, वह भक्त सहज पावे।।
नारद मुनि की वाणी से, सत्य कथा जग छाई।
जो श्रवण करि हृदय धरे, जनम सफल हो भाई।।
सत्य ही धर्म सनातन है, सत्य ही ब्रह्म कहाया।
सत्यनारायण प्रभु व्रत से, दुख का चिह्न मिटाया।।
सत्यव्रती जन पायें सुख, दुख दरिद्रता हारी।
शरण गहे जो सत्य प्रभु की, उसकी नैया पारि।।
दोहा
सत्यनारायण चालीसा, जो कोई जन गावे।
भक्तिभाव से कीर्तन करि, सब सुख संपत्ति पावे।।
Satyanarayana Chalisa in Hindi