श्री बलराम चालीसा
श्री बलराम चालीसा
दोहा
नमो नमो जय संत संतानन।
रक्षक भक्तन के भगवानन।।
निरखत राम सहाय सदा।
बजरंगी बलशाली विदा।।
चौपाई
जय जय जय बलराम कृपाला।
रौद्र रूप धरनेवाले नंदलाला।।
गदा धरे कर महा पराक्रम।
राक्षस दल के तुम संहारक।।
यदुकुल शिरोमणि बलवाना।
भक्तन के तुम हो सहारा माना।।
शेषनाग अवतार तुम आये।
नील वर्ण छवि अति सुहाये।।
गोकुल में बालक रूप बजायो।
दाऊ भैया नाम धरायो।।
कृष्ण सखा बन कीन्ही सहाय।
कंस मथुरा भेजे धराय।।
मूसल से रच्यो तुम लीला।
भक्तन के दुख किये तुम ढीला।।
प्रभु तेरी महिमा अपरम्पार।
जो भी जपे नाम हो उद्धार।।
गोकुल खेलत ब्रज रस रास।
कन्हैया के संग करे उल्लास।।
कौरव सभा में लीन्हा पक्ष।
भीम से बढ़कर दिखलायो दक्ष।।
शत्रु दल के तुम संहारक।
धर्म रक्षा के अवतारक।।
युद्ध भूमि में गदा चलायो।
अधर्मी जन समूल मिटायो।।
दीन दयालु भक्त के प्यारे।
जो शरण आये सो दुख हारे।।
मूसल लीला कर दी समाप्त।
गोलोक गये छोड़ जगत।।
दोहा
जो कोई मन से नाम पुकारे।
संकट कबहुं न उसको सतावे।।
बलराम कृपा करे सब पर।
भक्तन पे सदा कृपालु वर।।
Balram Chalisa in Hindi