श्री सिद्ध भद्रकाली चालीसा (Siddha Bhadrakali Chalisa)
श्री सिद्ध भद्रकाली चालीसा
दोहा
नमो नम: भद्रकालिके, नमो नम: छिन्नमस्त।
नमो नम: कुल्हेश्वरी, करो कष्ट को अस्त।।
चौपाई
जय जय जय भद्रकालिके माई।
ध्यान धरत सब क्लेश बिसराई।।
त्रिपुरसुन्दरी उपसुन्द घातिनी।
क्रँ बीज दक्षिण निवासिनी।।
दक्षिणेश्वरी महारौद्र रूपिनी।
क्रीँ काली शत्रुदल दामिनी।।
त् चण्डी सविता ब्रह्माणी।
क्रुँ देवी भदुली महारानी।।
क्लीँ रूप कामरूप भवानी।
वँ रूप मैहर महारानी।।
सैन्य शक्ति तु ही विज्ञानी।
ध्यावत् तोहे सुर मुनि ग्याणी।।
ऐँ रूप सृष्टि जगदम्बिके।
द्वीँ रूप पृथ्वी पालिके।।
रानी सती तु झुनझुनवाली।
वैष्णवी हिगँलाज रूद्राली।।
कौशल्या, कुन्ती, अहिल्या – तारा।
द्रोपदी चीर भयो अपरम्पारा।।
राधा रूक्मिणी राज किशोरी।
सिद्ध पीठ भयो ईटखोरी।।
ॐ ऐँ हीँ क्लीँ चामुण्डायै।
शोभित गले रूण्ड मालाऐ।।
नव दुर्गा है तुम्हे विराजे।
खँ खँ खडग खप्पर बाजे।।
सेवो जाको शीतल बुद्धूश्वर।
ध्यान योग भऐ मुनीश्वर।।
ॐहरि ॐ नम: शिवाय।
ब्रह्मा बिष्णु शिव सिर नाय।।
ब्रह्मा विष्णु को भये अँहकारा।
कौन आदि अन्त ते पारा।।
शिव आयो भयो कुपित।
केतकी को कियो श्रापित।।
ताहि समय दादी तुम न्यारो।
त्रिमुँति को सँ कट टारो।।
भँ बीज ते सुरथ रमयो।
समाधि के सँकट टरयो।।
सुरथ को समीचीन किन्हा।
राजा सुरथ को मनु पद दिन्हा।।
मर्हिष मर्द्वनी रूप है तेरो।
कोलाचल कियो माँ डेरो।।
दस्यु के सँग माया के व्रत।
पवित्र कियो माँ कालीकट।।
उतम धाम भक्त जन जाना।
दस्यु होई स्वयँ ज्ञान बखाना।।
विपति थारो पडे भक्तन जश।
कियो त्राण अमोल ज्योतिमुनीवर।।
मुम्बा पाटन शैल कुमारी।
भद्रकाली सुनो अरज हमारी।।
तमासीनो माँ तु विँध्येश्वरी।
त्राहि माम मात सर्वेश्वरी।।
सप्तश्रृँगी अष्ट भुजावती।
उमा रेणुका जया धुमावती।।
भुतनी चुडैल वाधा नाशिनी।
मँगल दोष सहित विदारणी।।
ज्ञान रत्न दे हरो मेरो दुख।
दे लोकिक अरू पारलोकिक सुख।।
काली कमला तारा रेणुका।
दुख हरो माँ भद्रकालिका।।
माँ थारो हरि चन्दना।
बेटा तेरा करे वँदना।।
रामदेव रचित यह पाठ पढाई।
सुख शान्ति सुपुत्र सो पाई।।
दुखी: दरिद्र नीज दास जानी।
तेज देहु मोहि मात भवानी।।
बाजे डोल मृदँग भेरी।
पुरवहु माई मनोरथ मेरी।।
दोहा
भद्रकाली करो कृप्या, करो ह्दय मे वास।
सकल मनोरथ पूरी करो, होई वास सुवाश।।
जड जीवो के जीव मे व्यापक तु जगदम्ब।
कहत राम इस जगत मे सिर्फ तु ही अवलम्ब।।
Bhadrakali Chalisa in Hindi