श्री हिंगलाज माता चालीसा (Hinglaj Mata Chalisa)

श्री हिंगलाज माता चालीसा

दोहा

जय जय हिङ्गलाज भवानी।
कृपा करहु जगजननी।।
दर्शन दो दुःख दूर करहि।
भक्तन की पीर हरनी।।

चौपाई

जय हिङ्गलाज भवानी माता।
अखिल विश्व की तुम हो त्राता।।
सिन्धुदेश में वास तुम्हारा।
बलूचिस्तान धाम तुम्हारा।।

पर्वतशिखर ऊपर ज्योति।
विराजे वहाँ दिव्य तेज सोती।।
अग्निस्वरूप जगत में साजे।
भक्तों के संकट सब मिटावे।।

स्वयंभू प्रकट शक्ति अपारा।
न आदि न अन्त तुम्हारा।।
सती अङ्ग जब गिरा धरातल।
पावन भया यह धाम विशाल।।

महाशक्ति का यह स्वरूप प्रगट।
भक्तों करे उद्धार सतत।।
ब्रह्मा विष्णु महेश ध्यावहिं।
नारद शारद गुण गावहिं।।

देव दानव सब शीश नवावहिं।
तेरी महिमा पार न पावहिं।।
लाल ज्वाला तन तेज उजाला।
भय हरति हो दीनदयाला।।

शत्रुनाशिनी संकटहारिणी।
भक्तवत्सला मातु भवानी।।
जो जन सच्चे मन सों ध्यावे।
माँ उसकी नैया पार लगावे।।

संतान सुख धन यश देहि।
दरिद्र दोष सब दूर करही।।
कालसर्प भय टल जाहि।
ग्रहबाधा सों मुक्ति पावही।।

भूत प्रेत भय दूर भगावहि।
तंत्र मन्त्र सब निष्फल जावहि।।
मरुभूमि में अमृत धारा।
तेरी लीला अपरम्पारा।।

दूर देश सों भक्त बुलावहि।
माँ अपने धाम ले आवहि।।
हिङ्गुला नाम जग में सोहै।
तेरी कृपा सों कष्ट न होहि।।

योगिनी गण संग तुम विराजो।
सिद्ध साधु सब मन में साजो।।
शाबर विद्या तोहि सुहावै।
भक्त बुलावे तुरतहि आवै।।

भीमलोचन भैरव ध्यावैं।
तेरे चरणन शीश नवावैं।।
कोट्टरि पीठ महा बलधारी।
रक्षा करो भवदुख हारी।।

ज्वाला रूप सदा उजियारी।
अन्धकार की नाशनहारी।।
अग्नि समान जो शुद्ध करावै।
पाप ताप सब भस्म करावै।।

राजा रंक सभी तोहि ध्यावैं।
मनवांछित फल शीघ्रहि पावैं।।
न्याय करो माँ दीनन ऊपर।
करुणा बहाओ करुणा सागर।।

नारी पूजित शक्ति तुम्हारी।
कुल की रक्षा महिमा भारी।।
कुलदेवी बन संकट टारो।
बिगड़े काज सदा सँवारो।।

रोग शोक भय पास न आवै।
जपते नाम कष्ट मिट जावै।।
जीवन पथ में जो नर डोले।
मातु सहारा बनि तुम बोले।।

पथिक थके जो शरण तुम्हारी।
करहु कृपा हे महतारी।।
देश विदेश बसे जो प्राणी।
सुमिरें मातु हिङ्गलाज भवानी।।

अन्न वस्त्र अरु मान बढ़ावो।
धर्म कर्म में बुद्धि उपजावो।।
शरणागत की लाज रखो माँ।
भवसागर सों पार करो माँ।।

भक्त पुकारे संकट कारी।
तुरत सहाय करो महतारी।।
ज्वाला रूप धर दुष्ट जलावो।
धर्म पंथ सब सदा बचावो।।

दोहा

जो चालीसा नित् पढ़ै गावै।
माँ उसकी सब काम बनावै।।
हिङ्गलाज माँ की कृपा सों।
दुख दरिद्र सब दूर भगावै।।

Hinglaj Mata Chalisa Hindi

Disclaimer

The lyrics published on HindiChalisa.Com are sourced from traditional references, public domain materials, and community contributions. They are shared solely for devotional, educational, and cultural purposes. While we make every effort to ensure accuracy, occasional errors may occur. If you notice any content that requires correction or believe your rights are being affected, please contact us and we will take prompt action.