रावण चालीसा
श्री रावण चालीसा
दोहा
ज्ञान का मेरा छोटा सागर।
घमंडी रावण की बड़ी है चादर॥
चित्त को रखने शांत की कोशिश।
मस्तिष्क अपने को रख तू एकाग्र॥
चौपाई
सपना चादर महिला कंबल।
बहुत अतरंगी मेरा जंगल॥
मेरी लंका का मैं रावण।
गुफा में खुश जंगल में मंगल॥
रावण नाम है चुगली हराम है।
फल की चिंता बग़ैर किए काम है॥
आदमी घमंडी नवाब जुगलबंदी।
साफ़ हाथ मेरी कलमें गंदी॥
आवाज़ बासी ताज़ी दासी।
वो खगे सूरज ली थी उवासी॥
चिकनी चमेली ऐ दिखनी अकेली ऐ।
सुलझी है ज़ुल्फें उलझी पहेली है॥
हल्के लोटे भारी मेरे गोते भारी मेरे गोते।
बेटे तुम्हारे लगते मेरे पोते॥
गाली दूं मुँह पर सुपर से ऊपर।
शरीर वस्त्र गरम मेरी रूह पर॥
गोलगप्पे आईस्पाइस धप्पे।
दासी गाड़ी में खाती थप्पे॥
करते मज़दूरी है ये भी ज़रूरी है।
किस्मत नहीं मालूम पर मेहनत अपनी पूरी है॥
इस लीला के कीड़े-मकोड़े हैं।
चूहों जैसे पैसे पे दौड़े हैं॥
मुंह से मीठे स्वाद के खट्टे हैं।
रस में नहीं मगन थोड़े भारी इनके सट्टे हैं॥
ढीले बटुए हैं स्कैम में रचूं एक।
खरगोश से तेज़ रखे मैंने कछुए हैं॥
चुगलखोर लड़के फीके तड़के।
कर लो बातें बड़बड़बड़ के॥
बड़ा लॉन है तेरा बाप कौन है।
इंस्टाग्राम ऑन यही तो मेरा पॉर्न है॥
लड़का चुत्तड़ है आपका ही पुत्र है।
पॉर्न की सबटाइटल ही तो कामसूत्र है॥
सुंदर रखैल दिल पे गई फैल।
लड़के मेरे नाख़ून की मैल॥
ज़हर गीला कंठ उनका नीला।
फसाने में सफल मोह माया की लीला॥
गिनता एकड़ करे देकर।
बात खत्म करते लेडेजर॥
लातों को हाथ में बातों को बाद में।
धेंचू धेंचू धेंचू साथ में॥
धुंधले चश्मे हैं जूतों के तस्मे हैं।
लोग यहाँ झूठे झूठे सच में हैं॥
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर।
मस्तिष्क अपने को रखता एकाग्र॥
दोहा
मृत्यु का इंतज़ार हमें भरना।
जीते-जी व्यापार है करना॥
लीला के खिलौने कठोर।
लीला से ऊबना खिलाड़ी कमजोर॥
Ravan Chalisa in Hindi