श्री कमला चालीसा (Kamala Chalisa)
श्री कमला चालीसा
दोहा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
चौपाई
जय कमला माता, जय जय लक्ष्मी माता।
सकल विश्व व्यापिनी, शरणागत की त्राता॥
जय कमला भवानी, आदि शक्ति जगदम्बे।
विश्व विजयिनी देवी, मंगल करणी अम्बे॥
जयतु देवी लक्ष्मी, महिमा अपरंपार।
शरणागत की रक्षक, दीनन की पालनहार॥
त्रिभुवन की सुखदायिनी, श्री विष्णु प्रिय सदा।
धन सम्पत्ति प्रदायिनी, पूरण करे व्रत-सदा॥
सहस्त्र हस्त है धारी, चक्र शंख गदा धारी।
कमल आसन पर विराजत, कमल दल अभिरामी॥
सकल मनोरथ पूरण, मोक्ष दायिनी माता।
करहु कृपा जो तुम ममता, जन सुख सम्पदा दाता॥
जग जननी जगदम्बे, सकल दुख हरनी अंबे।
महा लक्ष्मी नमो नमः, शरणागत वत्सले अम्बे॥
ध्यान धरत जो सदा नर, नाशत पाप का जर।
महा माया महा देवी, शरणागत जन तर॥
विष्णु प्रिया सदा लक्ष्मी, सुख सम्पदा की दाता।
सकल सुख सम्पत्ति की देवी, जग पालन की माता॥
कमल दल पर विराजत, हरहु विपत्ति सब अंबे।
सकल जगत पालन करती, लक्ष्मी माता अम्बे॥
जय जय महा लक्ष्मी माता, कृपा करहु सब लोका।
जग जननी सुख सम्पत्ति, करहु प्रकट सब रोका॥
महा माया महा लक्ष्मी, जय जय जग पालन।
सकल विपत्ति हरहु मातु, कृपा करहु शरणागत॥
ध्यान धरें जो सदा नर, हरें सकल कष्ट भार।
जय कमला जय लक्ष्मी, सकल सुख की दातार॥
जय जय जय कमला माता, सदा सहाय हमारी।
महा लक्ष्मी करुणामयी, शरणागत जन प्यारी॥
दोहा
जय लक्ष्मी जय जय महिमा, अपरंपार तुम्हारी।
शरणागत की रक्षक, जग पालन की न्यारी॥
Kamala Chalisa in Hindi