सम्पूर्ण चालीसा संग्रह सरल हिन्दी में

रोज सुबह-शाम की पूजा में हम सबको चालीसा की जरूरत पड़ती है, लेकिन इंटरनेट पर अक्सर आधे-अधूरे या गलत शब्द मिलते हैं। Hindichalisa.com पर हमने हर चालीसा को पूरा और बिल्कुल सही शब्दों में लिखा है, ताकि पूजा करते समय आपको पढ़ने में कोई उलझन न हो। अपनी दैनिक पूजा के लिए नीचे से पाठ चुनें।

श्री इन्द्र चालीसा (Shri Indra Chalisa)

श्री इन्द्र चालीसा दोहा जय इन्द्र देव दयानिधि, त्रिभुवन हितकारी।सुख-संपत्ति के दाता, भव भय हरण बिनाशकारी॥ चौपाई जय गजवाहन देव अधीशा।सुर-मुनि सेवित सकल जगदीशा॥ वज्र धरें कर मेघ बरसाओ।दीनन दुख हरि सुख सुख लाओ॥ सुरपति देवराज तुम्हारे।नित्य नाम गावत नर-नारी॥ पावक पवन दिशा अधिपति।सब मिलि मानत तुमहि स्वपति॥ अर्जुन हित बन में आयो।वज्र प्रकट दानव […]

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श्री यमराज चालीसा (Shri Yamraj Chalisa)

श्री यमराज चालीसा दोहा बात हमारी तुम सुनो, मेरे प्रिय यमराज।आओ मिलकर हम करें, इस दुनिया पर राज॥ चौपाई मित्र राज यमराज हमारे।तुम लगते हो सबसे प्यारे॥ इसका राज न कोई जाने।बेवकूफ मुझको सब माने॥ मुझे फर्क पड़ता न कोई।अच्छा है ये किस्सा गोई॥ जैसे चलता चलने देना।हमें किसी से क्या है लेना॥ आखिर तुमसे […]

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श्री देवनारायण चालीसा (Shree Devnarayan Chalisa)

श्री देवनारायण चालीसा दोहा ॐ नमो गणपति गुरू, नमो सरस्वती माया।देव सुयशवर्णन करूँ, कण्ठ विराजोआय॥ चौपाई नमो देव नारायण स्वामी।घट घट के प्रभु अन्तर्यामी॥ जगत उजागर सब गुण सागर।देवनारायण नटवर नागर॥ जय जय जय भक्तन हितकारी।इच्छा पूरण करो हमारी॥ भोग मोक्ष के दाता देवा।निस दिन करूँ आपकी सेवा॥ दे सत पंथ कुपंथ निवारो।किरपा कर भव […]

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श्री वेंकटेश्वर चालीसा (Shri Venkateswara Chalisa)

श्री वेंकटेश्वर चालीसा ॥ श्रीपद्मावती सहित श्रीनिवास परंब्रह्मणे नम: ॥ दोहा रामानुज पदकमल का, मन में धर कर ध्यान।श्रीनिवास भगवान का, करें विमल गुण गान॥ तिरुपति की महिमा बड़ी, गाते वेद-पुरान।कलियुग में प्रत्यक्ष हैं, वेंकटेश भगवान॥ चौपाई जय श्रीवेंकटेश करुणा कर।श्रीनिवास स्वामी सुख सागर॥ जय जय तिरुपति धाम निवासी।अखिल लोक स्वामी अविनाशी॥ जय श्रीवेंकटेश भगवाना।करुणा […]

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श्री सुसवाणी चालीसा (Suswani Chalisa)

श्री सुसवाणी चालीसा दोहा मात तुम्हारे नाम का, घर-घर में गुणगान।विनती तुमसे एक ही, रखियो मेरो ध्यान।। स्वर्ग से सुन्दर वो जगह, मात जहाँ ली विश्राम।जग में न्यारो है बड़ा, मैया मोरखाणा धाम।। संवत् बारह सौ उन्नीस, आसोज सुदी द्वितीय।सेठ सतिदास के घरां, माँ अवतार लिया।। चौपाई जै जै जै सुसवाणी माता।जो कोई प्रेम से […]

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श्री शीतलनाथ चालीसा (Shri Sheetalnath Chalisa)

श्री शीतलनाथ चालीसा दोहा सिद्ध प्रभु को नमन कर, अरिहंतो का ध्यान।आचारज उवझाय को, करता नित्य प्रणाम॥ शीतल प्रभु का नाम है, शीतलता को पाये।शीतल चालीसा पढ़े, शत शत शीश झुकाये॥ चौपाई शीतल प्रभु जिनदेव हमारे, जग संताप से करो किनारे।चंद्र बिम्ब न चन्दन शीतल, गंगा का ना नीर है शीतल॥ शीतल है बस वचन […]

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रावण चालीसा (Ravan Chalisa)

श्री रावण चालीसा दोहा ज्ञान का मेरा छोटा सागर।घमंडी रावण की बड़ी है चादर॥ चित्त को रखने शांत की कोशिश।मस्तिष्क अपने को रख तू एकाग्र॥ चौपाई सपना चादर महिला कंबल।बहुत अतरंगी मेरा जंगल॥ मेरी लंका का मैं रावण।गुफा में खुश जंगल में मंगल॥ रावण नाम है चुगली हराम है।फल की चिंता बग़ैर किए काम है॥ […]

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श्री नमिनाथ चालीसा (Shri Naminath Chalisa)

श्री नमिनाथ चालीसा दोहा सतत पूज्यनीय भगवान, नमिनाथ जिन महिभावान।भक्त करें जो मन में ध्याय, पा जाते मुक्ति-वरदान॥ चौपाई जय श्री नमिनाथ जिन स्वामी, वसु गुण मण्डित प्रभु प्रणमामि।मधिला नगरी प्रान्त बिहार, श्री विजय राज्य करें हितकर॥ विप्रा देवी महारानी थीं, रूप गुणों की वे खानि थीं।कृष्णाश्विन द्वितीया सुखदाता, षोडश स्वप्न देखती माता॥ अपराजित विमान […]

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श्री मल्लिनाथ चालीसा (Shri Mallinath Chalisa)

श्री मल्लिनाथ चालीसा चौपाई मोहमल्ल मद-मर्दन करते, मन्मथ दुर्द्धर का मद हरते।धैर्य खड्ग से कर्म निवारे, बालयति को नमन हमारे॥ बिहार प्रान्त ने मिथिला नगरी, राज्य करें कुम्भ काश्यप गोत्री।प्रभावती महारानी उनकी, वर्षा होती थी रत्नों की॥ अपराजित विमान को तजकर, जननी उदर वसे प्रभु आकर।मंगसिर शुक्ल एकादशी शुभ दिन, जन्मे तीन ज्ञान युन श्री […]

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श्री कमला चालीसा (Kamala Chalisa)

श्री कमला चालीसा दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ चौपाई जय कमला माता, जय जय लक्ष्मी माता।सकल विश्व व्यापिनी, शरणागत की त्राता॥ जय कमला भवानी, आदि शक्ति जगदम्बे।विश्व विजयिनी देवी, मंगल करणी अम्बे॥ जयतु देवी लक्ष्मी, महिमा अपरंपार।शरणागत की रक्षक, दीनन की पालनहार॥ त्रिभुवन की सुखदायिनी, श्री विष्णु […]

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श्री कल्कि चालीसा (Kalki Chalisa)

श्री कल्कि चालीसा दोहा कल्कि कल्कि नाम बिनु, मिलता नहीं कल्याण।पूजो जपो भजो नित, श्री कल्कि का नाम॥ युगाचार्य कहते सुनो, इस धरती के लोग।कल्कि भगवत कृपा बिनु, नहीं छूटत भवरोग॥ चौपाई कल्कि नाम है जग उजियारा।भक्तजनों को अतिशय प्यारा॥ जो कल्कि का नाम पुकारे।उसको मिलते सभी सहारे॥ संकट हरे मिटे सब पीरा।जो विश्वाश करे […]

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श्री दधिमती माता चालीसा (Shri Dadhimati Mata Chalisa)

श्री दधिमती माता चालीसा चौपाई दधि सागर में प्रगटी ज्वाला|भई सुरा सुर हुई विहाला|| जब से दधिमथी नाम कहायो|माँ को जग में ठाट सवायो|| तू ब्रह्माणी तू लक्ष्मी रूपा|स्वप्न दियो माँ उदयपुर भूपा|| निज मंदिर आकर बनायो|राणो जग में नाम कमायो|| है त्रिशूल तुमको अति प्यारा|जिसको जगत पूजता सारा|| पग-पग का अपराधी तेरा|दुष्टों से जीवन […]

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योगी आदित्यनाथ चालीसा (Yogi Adityanath Chalisa)

श्री योगी चालीसा दोहा योगी अपने कर्म से, सदा करो प्रकाश।जन जन में अब न्याय की, जगी है अनुपम आस।। चालीसा जय जय योगी धर्म प्रकाशा।यूपी में आप जगाये आशा।।कीचड़ में तुम कमल खिलाये।जन जन के मन को हरसाये।। बूचड़खाना बंद कर दीन्हा।प्रथम पुनीत कर्म यह कीन्हा।।गौ माता के प्राण बचाये।जब से आप गद्दी पर […]

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श्री वीरभद्र चालीसा (Shri Veerbhadra Chalisa)

श्री वीरभद्र चालीसा दोहा वन्‍दो वीरभद्र शरणों शीश नवाओ भ्रात।ऊठकर ब्रह्ममुहुर्त शुभ कर लो प्रभात।।ज्ञानहीन तनु जान के भजहौंह शिव कुमार।ज्ञान ध्‍यान देही मोही देहु भक्‍ति सुकुमार।। चौपाई जय-जय शिव नन्‍दन जय जगवन्‍दन।जय-जय शिव पार्वती नन्‍दन।।जय पार्वती प्राण दुलारे।जय-जय भक्‍तन के दु:ख टारे।। कमल सदृश्‍य नयन विशाला।स्वर्ण मुकुट रूद्राक्षमाला।।ताम्र तन सुन्‍दर मुख सोहे।सुर नर मुनि […]

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पति चालीसा (Pati Chalisa)

पति चालीसा दोहा नमो नमो पति महाराजा, तुम हो हमारे घर के राजा।जब से हम तुम्हारे संग ब्याहे, जीवन के सारे सुख पाए।। चौपाई तुमरी महिमा कहीं न जाई।तुमरी है चहुं ओर बड़ाई।। हम तो तुम्ही से हैं मेरे प्यारे।तुम ही आधार कार्ड हमारे।। सैर सपाटा घूमा घुमाई।शॉपिंग भी बहुत तेरी कराई।। हमारे घर में […]

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श्री मेहेर चालीसा (Meher Chalisa)

श्री मेहेर चालीसा दोहा हरि ! परमात्मा ! अल्लाह ! अहूरमज्द ! गॉड ! यज़दान-हू !जय ‘मेहेर’ साहिबे-जमाँ ! जय जय निराली शान हू !! जय भक्त उनके मस्त उनके खींच लाते जो उन्हें भूलोक पर !धूल उनकी सिर लगाऊँ, हिये लाऊँ प्रेम के उनके सहारे ‘मेहेर’ को मैं पाये जाऊँ। चौपाई जय बाबा ! […]

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श्री बाबा कीनाराम चालीसा (Baba Keenaram Chalisa)

श्री बाबा कीनाराम चालीसा दोहा श्री सतगुरु की कृपा से, करु अमल गुण-गान।संतन हित अवतरित भे, कीनाराम भगवान।।मैं पापी मतिमन्द हूँ, केवल आस तुम्हार।भक्ति मुक्ति अरु शक्ति दे, उर तम हरहु अपार।। चौपाई जय हे कीनाराम गुनखानी।जय-जय-जय हे औघड़दानी।।अकबर सिंह रघुवंश कुमारा।तेहि सुत होई नाथ अवतारा।। दत्तात्रेय शिवा गुरु पाहीं।तुम सम और शिष्य कोउ नाहीं।।पाउन […]

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संत कबीर चालीसा (Sant Kabir Chalisa)

श्री संत कबीर चालीसा दोहा दीनानाथ की दीनता, दीन बंधु की दीन।दीन कबीर के दीन पर, करो कृपा भगवीन।। चौपाई जय कबीर जगतगुरु, गुरु साहेब के सुत।हम पर कृपा कीजिये, शरण गहें सब सुत।। जगदम्बा जगतगुरु, सत्य ज्ञान का पथ।आप का शरणागत है, सब संत जन प्रकट।। अखंड धाम का रहस्य, कबीर जी ने कहा।नर-नारी […]

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श्री अंजनी माता चालीसा (Anjani Mata Chalisa)

श्री अंजनी माता चालीसा दोहा चैत्र सुदी वैसाख सुदी, जेष्ठ सुदी को जान।आसाढ़ श्रावण सुदी, चौदस को पहचान।।भादुड़ा आसौज की, और कार्तिक की सुदी।सुदी मार्गशीर्ष और पौष की देती सबको बुद्धि।।फाल्गुन सुदी चतुर्दशी पूजे सब नरनार।अंजनी माता आपका कारज देसी सार।। चौपाई रिमझिम रिमझिम मेहा बर्षे।मानो चन्दन फुहार दर्से।।इन्दर गाजे पवन पुरवायी।सांची माता अंजनी आयी।। […]

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श्री स्कंदमाता चालीसा (Maa Skandmata Chalisa)

श्री स्कंदमाता चालीसा दोहा सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी।। चालीसा जयति जयति जगत जननी, जय स्कंद माता।दीनन पर करुणा करति, सदा सुखदाता।।सिंह वाहिनी दुर्गा, धरी स्कंद रूप।पुत्र कार्तिकेय के कारण, जग में प्रसिद्ध।। पहाड़ों पर वास करे, सिंह संग सवारी।कमलासन पर विराजती, शुभ्र मूरत प्यारी।।अत्यन्त मनोहर रूप है, ममता की मूरत।कृपा दृष्टि से […]

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श्री रविदास चालीसा (Shri Ravidas Chalisa)

श्री रविदास चालीसा दोहा बंदौं वीणा पाणि को, देहु आय मोहिं ज्ञान।पाय बुद्धि रविदास को, करौं चरित्र बखान।।मातु की महिमा अमित है, लिखि न सकत है दास।ताते आयों शरण में, पुरवहु जन की आस।। चौपाई जै होवै रविदास तुम्हारी।कृपा करहु हरिजन हितकारी।।राहू भक्त तुम्हारे ताता।कर्मा नाम तुम्हारी माता।। काशी ढिंग माडुर स्थाना।वर्ण अछूत करत गुजराना।।द्वादश […]

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श्री छिन्नमस्ता चालीसा (Shri Chinnamasta Chalisa)

श्री छिन्नमस्ता चालीसा दोहा अपना मस्तक काट कर लीन्ह हाथ में थाम।कमलासन पर पग तले दलित हुए रतिकाम।।जगतारण ही काम है, रजरप्पा है धाम।छिन्नमस्तका को करूं बारंबार प्रणाम।। चौपाई जय गणेश जननी गुण खानी।जयति छिन्नमस्तका भवानी।।गौरी सती उमा रुद्राणी।जयति महाविद्या कल्याणी।। सर्वमंगला मंगलकारी।मस्तक खड्ग धरे अविकारी।।रजरप्पा में वास तुम्हारा।तुमसे सदा जगत उजियारा।। तुमसे जगत चराचर […]

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श्री अजितनाथ चालीसा (Shri Ajitnath Chalisa)

श्री अजितनाथ चालीसा दोहा श्री आदिनाथ को शिश नवा कर, माता सरस्वती को ध्याय।शुरू करूँ श्री अजितनाथ का, चालीसा स्व-सुखदाय।। चौपाई जय श्री अजितनाथ जिनराज।पावन चिह्न धरे गजराज।।नगर अयोध्या करते राज।जितराज नामक महाराज।। विजयसेना उनकी महारानी।देखे सोलह स्वप्न ललामी।।दिव्य विमान विजय से चयकर।जननी उदर बसे प्रभु आकर।। शुक्ला दशमी माघ मास की।जन्म जयन्ती अजित नाथ […]

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श्री त्रिपुरमालिनी चालीसा (Tripurmalini Chalisa)

श्री त्रिपुरमालिनी चालीसा दोहा अम्बा त्रिपुरमालिनी।दुःखहरनी सुखकार।। सती पूर जगतारिणी।विश्व की पालनहार।। शिवा शिवानी उमा तुम्ही।तुम्ही हो गौरी रूप।। महामाया तेरी माया है।जगत की छाया धूप।। चौपाई जग वंदित त्रिभुवन की माता।तुम को आराधे विश्व विधाता।। घट-घट में माँ तेरा बसेरा।मंगलमई है दर्शन तेरा।। छटा तुम्हारी है, भव भय हारी।कष्ट निवारक महा सुखकारी।। दीन हीन […]

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श्री शाकम्भरी माता चालीसा (Shri Shakambari ​Mata Chalisa)

श्री शाकम्भरी माता चालीसा दोहा बन्दउ माँ शाकम्भरी, चरण गुरु का धरकर ध्यान।शाकम्भरी माँ चालीसा का, करे प्रख्यान।।आनन्दमयी जगदम्बिका, अनन्त रूप भण्डार।माँ शाकम्भरी की कृपा, बनी रहे हर बार।। चौपाई शाकम्भरी माँ अति सुखकारी।पूर्ण ब्रह्म सदा दुःख हारी।।कारण करण जगत की दाता।आनन्द चेतन विश्व विधाता।। अमर जोत है मात तुम्हारी।तुम ही सदा भगतन हितकारी।।महिमा अमित […]

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श्री सत्यनारायण चालीसा (Satyanarayana Chalisa)

श्री सत्यनारायण चालीसा दोहा जय सत्यनारायण प्रभु, जय जय विष्णु भगवान।करहु कृपा जगत पर, तुम बिन कौन सहाय।। चौपाई सत्य स्वरूप अनंत प्रभु, जय जय विष्णु अवतार।सत्यव्रत पालन करहु, करो जनों का उद्धार।। सत्य की महिमा अपार है, जो कोई ध्यान लगावे।सत्यनारायण पूजन करि, भवसागर तर जावे।। व्रत कथा श्रवण करन से, मिटे संकट सब […]

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श्री कालरात्रि चालीसा (Mata Kalratri Chalisa)

श्री कालरात्रि चालीसा दोहा जय काली, कलिमलहरण, महिमा अगम अपार।महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार।। चौपाई अरि मद मान मिटावन हारी।मुण्डमाल गल सोहत प्यारी।।अष्टभुजी सुखदायक माता।दुष्टदलन जग में विख्याता।। भाल विशाल मुकुट छवि छाजै।कर में शीश शत्रु का साजै।।दूजे हाथ लिए मधु प्याला।हाथ तीसरे सोहत भाला।। चौथे खप्पर खड्ग कर पांचे।छठे त्रिशूल शत्रु बल जांचे।।सप्तम […]

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श्री बलराम चालीसा (Balram Chalisa)

श्री बलराम चालीसा दोहा नमो नमो जय संत संतानन।रक्षक भक्तन के भगवानन।। निरखत राम सहाय सदा।बजरंगी बलशाली विदा।। चौपाई जय जय जय बलराम कृपाला।रौद्र रूप धरनेवाले नंदलाला।। गदा धरे कर महा पराक्रम।राक्षस दल के तुम संहारक।। यदुकुल शिरोमणि बलवाना।भक्तन के तुम हो सहारा माना।। शेषनाग अवतार तुम आये।नील वर्ण छवि अति सुहाये।। गोकुल में बालक […]

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श्री यमुना चालीसा (Yamuna Maharani Chalisa)

श्री यमुना चालीसा दोहा प्रियसंग क्रीड़ा करत नित, सुखनिधि वेद को सार।दरस परस ते पाप मिटे, श्रीकृष्ण प्राण आधार।।यमुना पावन विमल सुजस, भक्तिसकल रस खानि।शेष महेश वदंन करत, महिमा न जाय बखानि।। पूजित सुरासुर मुकुन्द प्रिया, सेवहि सकल नर-नार।प्रकटी मुक्ति हेतु जग, सेवहि उतरहि पार।।बंदि चरण कर जोरी कहो, सुनियों मातु पुकार।भक्ति चरण चित्त देई […]

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श्री पुष्पदन्त चालीसा (Shri Pushpdant Chalisa)

श्री पुष्पदन्त चालीसा दुख से तप्त मरूस्थल भव में, सघन वृक्ष सम छायाकार।पुष्पदन्त पद – छत्र – छाँव में हम आश्रय पावे सुखकार।। जम्बूद्विप के भारत क्षेत्र में, काकन्दी नामक नगरी में।राज्य करें सुग्रीव बलधारी, जयरामा रानी थी प्यारी।। नवमी फाल्गुन कृष्ण बल्वानी, षोडश स्वप्न देखती रानी।सुत तीर्थंकर हर्भ में आएं, गर्भ कल्याणक देव मनायें।। […]

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श्री मणिभद्र चालीसा (Shri Manibhadra Veer Chalisa)

श्री मणिभद्र वीर चालीसा जन्म हुआ उज्जैन नगर में, मगरवाड़ा में स्वर्ग सिधारे।तपागच्छ अधिष्ठायक देवा, श्रावकगण के ताज सितारे।।मस्तक पूजा उज्जयिनी में, आगलोड़ में धड़ की पूजा।मगरवाडे पिण्डी की पूजा, देखा ऐसा देव न दूजा।। कलियुग में है जाग्रत स्वामी, संघ सकल के मंगलकारी।रोग शोक हरते है सबके, जपते तुमको नित नर-नारी।।श्यामवर्ण अजमुख मनोहारी, शीश […]

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श्री क्षेत्रपाल चालीसा (Shri Kshetrapal Chalisa)

श्री क्षेत्रपाल चालीसा दोहा क्षेत्रपाल महाराज को, मन मंदिर में ध्याय।लिखने का साहस करूं, चालीसा सुखदाय।।विघ्नहरण मंगलकरण, क्षेत्रपाल महाराज।करूं भक्ति श्रद्धा सहित, पूर्ण करो सब काज।। चौपाई जैनधर्म प्राकृतिक कहाया।ग्रन्थ पुराण में है बतलाया।।उसमें वर्णित कई वाक्य हैं।तीर्थंकर प्रभु वचन सार्थ हैं।। हुए पूज्य आचार्य हमारे।उन वचनों को मन में धारें।।पुनः प्राणि हित बतलाया है।जिसने […]

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श्री जमवाय माता चालीसा (Shri Jamway Mata Chalisa)

श्री जमवाय माता चालीसा दोहा वर्ष दो हजार इकसठ, नवरात्रा मधु मास।जमुवा चालीसा रचा, यह कुबेर तव दास।। चौपाई माँच गाँव था नाम पुराना।नाथू मीणा का रजधाना।।एकदश अड़तीस बरस मानों।दुलहराय फौजा ले आनो।। मीणा संग जंग मचि भारी।फौजों हारि दुल्ह की सारी।।रण खेत गिरा दुल्हा राजा।जीत मीणा बजाया बाजा।। विजयोत्सव सब लोग मनाया।मदिरा पीकर सब […]

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श्री इंद्र बाईसा चालीसा (Indra Baisa Chalisa)

श्री इंद्र बाईसा चालीसा दोहा नमो नमो गज बदन ने, रिद्ध-सिद्ध के भंडार।नमो सरस्वती शारदा, माँ करणी अवतार।।इन्द्र बाईसा आपरो, खुड़द धाम बड़ खम्भ।संकट मेटो सेवगा, शरण पड़या भुज लम्ब।। चौपाई आवड़जी अरु राजा बाई।और देशाणे करणी माई।।चौथो अवतार खुड़द में लीनो।चारण कुल उज्जवल कर दीहो।। सागर दान पिता बड़ भागी।धापू बाई की कोख उजागी।।बचपन […]

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श्री हरसिद्धि माता चालीसा (Shree Harsiddhi Mata Chalisa)

श्री हरसिद्धि माता चालीसा आध्यसति हरसिद्धि माई।विश्व में सब में माई समाई।।त्रिलोक शंख सुर ने जित लिया।ब्रम्हा हरि हर ने बिनाति किया।। शुंभ बिज रक्त दानव संहारे।चक्र मुंड धुम्न लोचन को मारे।।महिसा सुरि अभिमानी मारा।त्रिलोक का माने भार उतरा।। नेत्रो दे गिरि अश्र मितवा।मदन सोनी ने तै लक्ष्मी वरसावा।।सागर में जगदुषा ने पुकारा।वहां सहित माई […]

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श्री ब्रह्मचारिणी ब्रह्माणी माता चालीसा (Mata Brahmacharini Chalisa)

श्री ब्रह्मचारिणी ब्रह्माणी माता चालीसा दोहा कोटि कोटि नमन मेरे माता पिता को, जिसने दिया शरीर।बलिहारी जाऊँ गुरू देव ने, दिया हरि भजन में सीर।। श्री ब्रह्माणी स्तुति चन्द्र दिपै सूरज दिपै, उड़गण दिपै आकाश।इन सब से बढकर दिपै, माताऒ का सुप्रकाश।। मेरा अपना कुछ नहीं, जो कुछ है सो तोय।तेरा तुझको सौंपते, क्या लगता […]

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श्री सिद्ध भद्रकाली चालीसा (Siddha Bhadrakali Chalisa)

श्री सिद्ध भद्रकाली चालीसा दोहा नमो नम: भद्रकालिके, नमो नम: छिन्नमस्त।नमो नम: कुल्हेश्वरी, करो कष्ट को अस्त।। चौपाई जय जय जय भद्रकालिके माई।ध्यान धरत सब क्लेश बिसराई।।त्रिपुरसुन्दरी उपसुन्द घातिनी।क्रँ बीज दक्षिण निवासिनी।। दक्षिणेश्वरी महारौद्र रूपिनी।क्रीँ काली शत्रुदल दामिनी।।त् चण्डी सविता ब्रह्माणी।क्रुँ देवी भदुली महारानी।। क्लीँ रूप कामरूप भवानी।वँ रूप मैहर महारानी।।सैन्य शक्ति तु ही विज्ञानी।ध्यावत् […]

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श्री ज्वाला देवी चालीसा (Shri Jawala Devi Chalisa)

श्री ज्वाला देवी चालीसा दोहा शक्ति पीठ मां ज्वालपा धरूं तुम्हारा ध्यान।हृदय से सिमरन करूं दो भक्ति वरदान।।सुख वैभव सब दीजिए बनूं तिहारा दास।दया दृष्टि करो भगवती आपमें है विश्वास।। चौपाई नमस्कार हे ज्वाला माता।दीन दुखी की भाग्य विधाता।।ज्योति आपकी जगमग जागे।दर्शन कर अंधियारा भागे।। नव दुर्गा है रूप तिहारा।चौदह भुवन में दो उजियारा।।ब्रह्मा विष्णु […]

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श्री चित्रगुप्त चालीसा (Shri Chitragupt Maharaj Chalisa)

श्री चित्रगुप्त चालीसा दोहा सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश।।करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती सहाय।चित्रगुप्त जस विमलयश, वंदन गुरूपद लाय।। चौपाई जय चित्रगुप्त ज्ञान रत्नाकर।जय यमेश दिगंत उजागर।।अज सहाय अवतरेउ गुसांई।कीन्हेउ काज ब्रम्ह कीनाई।। श्रृष्टि सृजनहित अजमन जांचा।भांति-भांति के जीवन राचा।।अज की रचना मानव संदर।मानव मति अज […]

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श्री चंडी चालीसा (Shri Chandi Mata Chalisa)

श्री चंडी चालीसा दोहा दुर्गे! दुर्गतिनाशिनी, वासिनी गिरिकैलास।मंदहास! मृदुभाषिणी!, माॅं! काटौ यमपाश।। चौपाई जयति! अंबिका! जयति! भवानी।शिवा! सांभवी! भवा! मृडानी।।विन्ध्यनिवासिनि! हिमगिरि-गेहा।वपु विराट अति सूक्ष्म सुदेहा।। तुंग शृंग अयि! गब्बरवासी।शिव-पत्नी! मख दक्ष विनाशी।।सती! जया! कोहला-नग-वासी।सकलशब्दमयि! आनंदराशी।। हिंगलाज! भगवति! जयदाई।असुरनिकंदनि! अभयप्रदाई।।जपाकुसुम-कर! जय कौमारी।पूजित सुर हरि अज, त्रिपुरारी।। विघ्ननिवारिणि! भव भय हारिणि।दैत्य विदारिणि! रिपुदलमारिणि।।विश्वविमोहिनि! दुर्गतिहारी।कालविभंजनि! शरणतिहारी।। कात्यायनि! कुशमांडा […]

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श्री भीम चालीसा (Bhimrao Ambedkar Chalisa)

श्री भीम चालीसा दोहा श्री गुरु चरण स्पर्श कर कीन्ह उन्हें प्रनाम।जो दलितों के दुःख हरते बाबा साहेब है नाम।।ज्ञान हीन करें उनकी सेवा मन से पढ़ें संविधान।ज्ञान शक्ति भरपूर मिलै बदलै अपना संपूर्ण विधान।। चौपाई जय भीमराव ज्ञान बुद्धि के सागर।जय भीम करते जीवन उजागर।।मां भारती के दूत तुम अतुलित ज्ञानी।दलितों को आजाद कराने […]

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श्री भक्तामर चालीसा (Shri Bhaktamar Chalisa)

श्री भक्तामर चालीसा दोहा भक्तामर भक्ति भरा, मानतुंग का रूप।आदिनाथ को है नमन्, भक्ति भाव स्वरूप।।भक्तामर के पठन से, सर्वशांति होय।संकट बाधा दूर हो, मन भी निर्मल होय।। चौपाई आदिनाथ को मन में धरके।कष्ट मिटेंगे सारे जग के।।संकटहारी नाम है इसका।पुण्य मिले भारी जिसका।। भक्ति रस का भरा है किस्सा।भव्यजनों ने लिया है हिस्सा।।मानतुंग की […]

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श्री शैलपुत्री चालीसा (Mata Shailputri Chalisa)

श्री शैलपुत्री चालीसा दोहा श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।विघ्न हरण मंगल मूरति, जय जय गिरिजा लाल।। चौपाई जय गिरिराजकुमारि जगत जननी।सकल सृष्टि पालक भवानी भवानी।।जय शैलपुत्री माता महिमा अपार।जो कोई तुमको ध्यावत भव भव पार।। चंद्रार्ध मस्तक विराजत सुभ गंगा।तुमहि देखि हरषत हिय शिव संगा।।वाहन वृषभ राजत छवि निराली।सोहत रूप मातु शिव की […]

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श्री रामेश चालीसा (Shri Ramesh Chalisa)

श्री रामेश चालीसा दोहा वीर प्रभु का ध्यान धरए ले सबल नानेश।गुरु गुण गाऊँ प्रेम सेए जय जय जय रामेश ।।हुक्मगच्छ के साथ नाथ होए ज्योतिपुंज गुणधाम।श्रद्धायुत् श्री चरण मेंए वंदन हो निष्काम ।। चौपाई जय जय राम नाम सुख कन्दा।जय जय जय भूरा कुल चन्दा।।पिता नेम के नयन सितारे।माँ गवरा के प्राण पियारे।। दो […]

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श्री परशुराम चालीसा (Shri Parshuram Chalisa)

श्री परशुराम चालीसा दोहा श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि।सुमरि गजानन शारदा, गहि आशिष त्रिपुरारि।।बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डार।बरणौं परशुराम सुयश, निज मति के अनुसार।। चौपाई जय प्रभु परशुराम सुख सागर।जय मुनीश गुण ज्ञान दिवाकर।।भृगुकुल मुकुट बिकट रणधीरा।क्षत्रिय तेज मुख संत शरीरा।। जमदग्नी सुत रेणुका जाया।तेज प्रताप सकल जग छाया।।मास बैसाख […]

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श्री मनसा देवी चालीसा (Shri Mansa Devi Chalisa)

श्री मनसा देवी चालीसा दोहा मनसा माँ नागेश्वरी, कष्ट हरन सुखधाम।चिंताग्रस्त हर जीव के, सिद्ध करो सब काम।।देवी घट-घट वासिनी, ह्रदय तेरा विशाल।निष्ठावान हर भक्त पर, रहियो सदा तैयार।। चौपाई पदमावती भयमोचिनी अम्बा।सुख संजीवनी माँ जगदंबा।।मनशा पूरक अमर अनंता।तुमको हर चिंतक की चिंता।। कामधेनु सम कला तुम्हारी।तुम्ही हो शरणागत रखवाली।।निज छाया में जिनको लेती।उनको रोगमुक्त […]

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श्री हिंगलाज माता चालीसा (Hinglaj Mata Chalisa)

श्री हिंगलाज माता चालीसा दोहा जय जय हिङ्गलाज भवानी।कृपा करहु जगजननी।।दर्शन दो दुःख दूर करहि।भक्तन की पीर हरनी।। चौपाई जय हिङ्गलाज भवानी माता।अखिल विश्व की तुम हो त्राता।।सिन्धुदेश में वास तुम्हारा।बलूचिस्तान धाम तुम्हारा।। पर्वतशिखर ऊपर ज्योति।विराजे वहाँ दिव्य तेज सोती।।अग्निस्वरूप जगत में साजे।भक्तों के संकट सब मिटावे।। स्वयंभू प्रकट शक्ति अपारा।न आदि न अन्त तुम्हारा।।सती […]

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श्री ओंकार चालीसा (Omkar Chalisa)

श्री ओंकार चालीसा दोहा आदि गुरू ओंकार को, सुमिरें हृदय विचार।नमन करें गुरूदेव को, जो दायक फल चार।। सेवक अपना जान के, कृपा करो भगवान्।क्षमा करो अपराध को, गुरूवर दिव्य महान्।। चौपाई जय जय जय ओंकार विधाता।जय जय जय सुखेस सुदाता।। जग पालक जग सिरजन हारा।रूद्र रूप धरि करे संहारा।। ‘ओम् खं ब्रह्म’ यह वेद […]

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श्री महागौरी चालीसा (Mahagauri Chalisa)

श्री महागौरी चालीसा दोहा मन मंदिर मेरे आन बसो, आरम्भ करूं गुणगान।गौरी माँ मातेश्वरी, दो चरणों का ध्यान।। पूजन विधी न जानती, पर श्रद्धा है आपर।प्रणाम मेरा स्विकारिये, हे माँ प्राण आधार।। चौपाई नमो नमो हे गौरी माता।आप हो मेरी भाग्य विधाता।। शरनागत न कभी गभराता।गौरी उमा शंकरी माता।। आपका प्रिय है आदर पाता।जय हो […]

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श्री कात्यायनी चालीसा (Katyayani Chalisa)

श्री कात्यायनी चालीसा दोहा जय कात्यायनी माँ, जय महिषासुर मारिणी।सुर नर मुनि आराधित, जय मंगल करिणी।। चौपाई जय जय अंबे जय कात्यायनी।जय महिषासुर घातिनी दानी।। ब्रह्मा, विष्णु, शिव जी ध्यावैं।शक्ति शक्ति सब जगत बनावैं।। रक्तदंतिका और अन्नपूर्णा।माँ कात्यायनी हैं सम्पूर्णा।। कात्यायन ऋषि मुनि के आश्रय।कात्यायनी माँ सबके बासय।। भय, संकट हरिणी तुही माता।भक्तों के दुःख […]

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श्री कामदेव चालीसा (Kamadev Chalisa)

श्री कामदेव चालीसा दोहा नमो कामदेवाय नमः, शृंगार देव माई।ज्ञान वैराग्य सर्व फल, होय तुम्हारी दाई।। चौपाई जय जय श्री कामदेव महारा।सृष्टि में तुम्हारा नाम हमारा।। प्रेम, शृंगार, काम सुख दाई।संसार में सबको मोहमाई।। तन मन में तुम उठाओ ज्वाला।प्रेम बाण से छेड़े खेल सारा।। शिव-पार्वती तुम्हारे पुजारी।सृष्टि तुम्हारे बिना नहीं सारी।। रति संग रहो […]

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श्री कैला देवी चालीसा (Kaila Devi Chalisa)

श्री कैला देवी चालीसा दोहा जय जय कैला मात हे तुम्हे नमाउ माथ।शरण पडूं में चरण में जोडूं दोनों हाथ।। आप जानी जान हो मैं माता अंजान।क्षमा भूल मेरी करो करूँ तेरा गुणगान।। चौपाई जय जय जय कैला महारानी।नमो नमो जगदम्ब भवानी।। सब जग की हो भाग्य विधाता।आदि शक्ति तू सबकी माता।। दोनों बहिना सबसे […]

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श्री ज्ञान चालीसा (Gyan Chalisa)

श्री ज्ञान चालीसा पानी पीवे छान कर, जीव जन्तु बच जाय।जीव दया अति पुण्य हैं, रोग निकट नहि आय।। झूठे पुरुषो से कभी, कोई न करता प्रीत।सच्चे आदर पाते है, जग जस लेते जीत।। चोर नित्य चोरी करे, रहे न कुछ भी पास।वनों पहाड़ो भागते, दुःख पावे दिन रात।। सेय पराई नार को, तन मन […]

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श्री आशापुरा माता चालीसा (Ashapura Mata Chalisa)

श्री आशापुरा माता चालीसा चौपाई माँ आशापुरा माताजी सुखकारी।गुण गाये ये दुनिया सारी।। माँ आशापुरा माताजी की महिमा अति भारी।माँ नाम जपे नर-नारी।। माँ आशापुरा माताजी के हैं आज्ञाकारी।श्रद्धा रखते समकित धारी।। माँ आशापुरा माताजी प्रातः उठ जो ध्याता।ऋद्धि सिद्धि सब संपत्ति पाता।। माँ आशापुरा माताजी नाम जपे जो कोई।उस घर में निज मंगल होई।। […]

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पत्नी चालीसा (Patni Chalisa)

पत्नी चालीसा दोहा हाथ जोड़ कर कीजिये, पत्नी जी का ध्यान।घर में खुशहाली रहे, हो जाये कल्यान।। घरवाली को नमन कर, माला लेकर हाथ।मुख से पत्नी-वन्दना, बोलो मेरे साथ।। चौपाई बीवी सेवा सच्ची सेवा, जो करे वो खाये मेवा।जो बीवी के पाँव दबावै, बस वैकुंठ परम पद पावै।। जो बीवी की करे गुलामी, ना आये […]

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श्री मातंगी मोढेश्वरी चालीसा (Matangi Modheshwari Chalisa)

श्री मातंगी मोढेश्वरी चालीसा दोहा वंदु विनायक विघ्नहर, शारद करो सहाय।आनंदनी ए याचना मोढेश्वरी गुण गवाय।। चौपाई प्रणमुं पाय मातंगी मात, मोढेश्वरी नाम तुज ख्याता।मातंगी वास वाव मही कीधो, आश्रय सर्व मोढोने दीधो।। सोल शृंगार सिंहारूढ शोभे, भुज अढार दर्शन मन लोभे।वंदन चरणामृत सुखदाई, आतमना पड शत्रु हणाये।। भरतखंड शुभ पश्चिम भागे, धरमारण्य क्षेत्र तप […]

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श्री मंगल चालीसा (Mangal Chalisa)

श्री मंगल चालीसा दोहा जय-जय मंगल मोर, कृपा करो गुरु देव।संकट सब हर हरो, करि मंगल सदा सेव।। चौपाई जय मंगल ग्रह मुनि पूजित, शुभ फल दायक नाथ।धातु रुधिर अधिदेव तम, शरणागत करे त्राण।। रक्तवर्ण तन सुंदर, मस्तक मुकुट विराजत।गदाहस्त त्रिनयन मनोहर, मंगल शुभफलदायक।। अमित तेज, बल, मोह नाशक, पिंगल तन अति शोभित।धरणी पुत्र अति, […]

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श्री माजीसा चालीसा (Majisa Chalisa)

श्री माजीसा चालीसा दोहा जसोलगढ़ में थे प्रकट्या महाराणी, पण है उजालो च्यारो मेर।जैसलमेर, जोधाणों थाने ध्यावे और आखो ध्यावे बीकानेर।। म्हारी थाने है बिनती, थे रखिजो म्हारी लाज।थारी शरण में म्हे पड्या, हो माजीसा महाराज।। चौपाई जय जय जय माता भटीयाणी।कृपा करो माँ जय कल्याणी।। जो कोई शरण आप की आता।जीवन सफल वांछित फल […]

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श्री अनिरुद्ध चालीसा (Aniruddha Chalisa)

श्री अनिरुद्ध चालीसा दोहा श्री सद्गुरु सुमिरन बल सब कछु करत सुहाई।अनिरुद्ध नाम की रटन लगाई टूट गई दुख की डोरी।। चौपाई जय अनिरुद्ध पूरण अवतारा।जय गोविंद परमसुखधामा।। जय नंदारमणा बलवंता।रं रं रं रं जय अभिरामा।। रात दिवस अनिरुध धुन गाँऊ।साथ में लायो सुचितसो दाऊ।। सब रिषिजन मिल जपत महेशु।गोपगोपीजन गात रमेशु।। कार्तिकमास की पूरणमासी।प्रगट […]

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श्री संकटा चालीसा (Sankata Chalisa)

श्री संकटा चालीसा दोहा जगत जननि जगदम्बिके, अरज सुनहु अब मोर।बंदौ पद-युग नाइ सिर, विनय करों कर जोर।। चौपाई जय जय जय संकटा भवानी।कृपा करहु मो पर महारानी।। हाथ खड्ग भृकुटि विकराला।अरुण नयन गल में मुण्डमाला।। कानन कुण्डल की छवि भारी।हिय हुलसे मन होत सुखारी।। केहरि वाहन है तव माता।कष्ट निवारो जन जन त्राता।। आयूं […]

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श्री प्रेतराज चालीसा (Pretraj Sarkar Chalisa)

श्री प्रेतराज चालीसा दोहा गणपति की कर वंदना, गुरु चरनन चितलाय।प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय।। जय जय भूताधिप प्रबल, हरण सकल दुख भार।वीर शिरोमणि जयति, जय प्रेतराज सरकार।। चौपाई जय जय प्रेतराज जग पावन।महा प्रबल त्रय ताप नसावन।। विकट वीर करुणा के सागर।भक्त कष्ट हर सब गुण आगर।। रत्न जटित सिंहासन सोहे।देखत सुन नर […]

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श्री नेमिनाथ चालीसा (Neminath Chalisa)

श्री नेमिनाथ चालीसा दोहा श्री जिनवाणी शीश धार कर, सिद्ध प्रभु का करके ध्यान।लिखूँ नेमि-चालीसा सुखकार, नेमिप्रभु की शरण में आन।। चौपाई समुद्र विजय यादव कुलराई, शौरीपुर राजधानी कहाई।शिवादेवी उनकी महारानी, षष्ठी कार्तिक शुक्ल बखानी।। सुख से शयन करे शय्या पर, सपने देखें सोलह सुन्दर।तज विमान जयन्त अवतारे, हुए मनोरथ पूरण सारे।। प्रतिदिन महल में […]

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मोदी चालीसा (Modi Chalisa)

मोदी चालीसा चौपाई जय मोदी ज्ञान गुण सागर।सारे विश्व में नाम उजागर।। शांति दूत अतुलित बल धामा।दामोदर दास पुत्र नरेन्द्र नामा।। तुम उपकार राष्ट्र का कीना।योगी अमित साथ है लीना।। राष्ट्रहित के तुम हो रखवारे।भ्रष्टाचार निकंदन राष्ट्र दुलारे।। दुश्मन कभी निकट न आवे।मोदी का जब नाम सुनावे।। वे मोदी से अब सब डरते।पास नही अब […]

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श्री खेतरपाल चालीसा (Shri Khetarpal Chalisa)

श्री खेतरपाल चालीसा दोहा खेतरपाल संकट हरो, मंगल करो सब काम।शरण तुम्हारी आन पड़े, दर्श दिखाओ आन।। चालीसा तेरी गाउं मै, दयो ज्ञान भरपूर।क्षमा करो अपराध सब, संकट करो थे दूर।। चौपाई खेतरपाल तेरी महिमा न्यारी।रावतसर मे दर्शन भारी।। राधोदास पहला दर्शन पाया।जिस ने तेरा नाम बढाया।। रूद्र का अवतार धराया।खेतरपाल तुम नाम रखाया।। सबके […]

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श्री केतु चालीसा (Shri Ketu Chalisa)

श्री केतु चालीसा दोहा नमो नमो श्री केतु सुखकारी।कष्ट हरो संताप हमारे।। जयति जयति श्री केतु महराजा।भव बंधन से सबको त्राजा।। चौपाई जयति जयति केतु देव दयाला।सदा भक्तन के संकट हारा।। केतु देव छाया ग्रह जाने।सभी ग्रहों का दोष मिटाने।। सिर कटा पर धड़ ना छोड़ा।अमृत पान किया संत मोड़ा।। राहु केतु संग्राम मचाया।देवताओं को […]

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नेता चालीसा (Neta Chalisa)

नेता चालीसा दोहा जय नेतागण राजनीति के, तुमको करूं प्रणाम।तुम्हीं विधाता अन्यायी के, करो चापलूसों का काम।। चौपाई जय राजनीति के नेतागण।तुम मोहे हो सब के मन।। सब चमचों की करो भलाई।वे चाहे जितनी करे ढिठाई।। उनको आंच न आने पाए।तुम्हरी कुर्सी भले ही जाए।। अत्याचार में तुम आगे हो।अवगुणकारी के तुम धागे हो।। घपला-झगड़ा […]

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श्री धन्वंतरी चालीसा (Shri Dhanvantari Chalisa)

श्री धन्वंतरी चालीसा दोहा करूं वंदना गुरू चरण रज, ह्रदय राखी श्री राम।मातृ पितृ चरण नमन करूँ, प्रभु कीर्ति करूँ बखान।। तव कीर्ति आदि अनंत है, विष्णुअवतार भिषक महान।हृदय में आकर विराजिए, जय धन्वंतरि भगवान।। चौपाई जय धनवंतरि जय रोगारी।सुनलो प्रभु तुम अरज हमारी।। तुम्हारी महिमा सब जन गावें।सकल साधुजन हिय हरषावे।। शाश्वत है आयुर्वेद […]

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श्री वासुपूज्य चालीसा (Shri Vasupujya Chalisa)

श्री वासुपूज्य चालीसा दोहा वासु पूज्य महाराज का, चालीसा सुखकार।विनय प्रेम से बाँचिये, करके ध्यान विचार।। चौपाई जय श्री वासुपूज्य सुखकारी।दीन दयाल बाल ब्रह्माचारी।। अदभुत चम्पापुर रजधानी।धर्मी न्यायी ज्ञानी दानी।। वासु पूज्य यहाँ के राजा।करने राज काज निष्काजा।। आपस में सब प्रेम बढ़ाने।बारह शुद्ध भावना भाते।। गऊ शेर आपस में मिलते।तीनो मौसम सुख में कटते।। […]

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श्री नर्मदा चालीसा (Shri Narmada Chalisa)

श्री नर्मदा चालीसा दोहा देवि पूजित, नर्मदा, महिमा बड़ी अपार।चालीसा वर्णन करत, कवि अरु भक्त उदार।। इनकी सेवा से सदा, मिटते पाप महान।तट पर कर जप दान नर, पाते हैं नित ज्ञान।। चौपाई जय-जय-जय नर्मदा भवानी।तुम्हरी महिमा सब जग जानी।। अमरकण्ठ से निकली माता।सर्व सिद्धि नव निधि की दाता।। कन्या रूप सकल गुण खानी।जब प्रकटीं […]

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मच्छर चालीसा (Machhar Chalisa)

मच्छर चालीसा चौपाई जय जय जय मच्छर बलशाली।काला तन और भुजा काली।। तीखे तीखे सूंड़ तिहारे।सतत चूससे रक्त हमारे।। भेद भाव तुम्हें नहीं भाये।सब पर सम किरपा बरसाये।। कुटी महल सब एक समाना।हर घर में है आना जाना।। राजा हो या रंक भिखारी।हर मानव पर किरपा भारी।। भक्ति भाव का खेल रचाते।रक्त सभी का एक […]

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श्री कार्तिकेय चालीसा (Shri Kartikeya Chalisa)

श्री कार्तिकेय चालीसा दोहा जय जय जय कार्तिकेय, शंकर-सुवन कृपाल।शिवदत्तं सुत तेहि, तात मेटहु सब विकार।। चौपाई जय जय श्री कार्तिकेय स्वामी।जय शिवसुत, भक्त सुखधामी।। महिमा अपार आपकी गाई।संतन को शक्ति प्रभु पाई।। शिव शिवा तनय बालक प्यारे।कार्तिकेय सुखधाम हमारे।। ध्वजा धारण कर दुर्जन मारो।भक्तों का दुख हरन निवारो।। गजमुख दैत संहारक तुम्ह हो।तारकासुर विदारक […]

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श्री जगन्नाथ चालीसा (Shri Jagannath Chalisa)

श्री जगन्नाथ चालीसा दोहा श्री जगन्नाथ जगत गुरू, आस भगत के आप।नाम लेते ही आपका, मिटे कष्ट संताप।। मैं अधम हूँ मूढ़ मति, पूजा विधि का ना ज्ञान।दोष मेरा ना धरना नाथ, मैं हूँ तेरी संतान।। चौपाई जय जगन्नाथ जगत के पालक।भव भय भंजन कष्ट निवारक।। संगी साथी ना जिसका कोई।आसरा उसका बस एक तू […]

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श्री राणी सती दादी चालीसा (Rani Sati Dadi Chalisa)

श्री राणी सती दादी चालीसा दोहा श्री गुरु पद पंकज नमन, दुषित भाव सुधार।राणी सती सू विमल यश, बरणौ मति अनुसार।। काम क्रोध मद लोभ में, भरम रह्यो संसार।शरण गहि करूणा मई, सुख सम्पति संसार।। चौपाई नमो नमो श्री सती भवानी।जग विख्यात सभी मन मानी।। नमो नमो संकट को हरनी।मनवांछित पूरण सब करनी।। नमो नमो […]

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श्री गौतम बुद्ध चालीसा (Gautam Buddha Chalisa)

श्री गौतम बुद्ध चालीसा दोहा ध्याऊं गुरु को सर्वप्रथम, ध्यान भारत देश।जिनके सुमिरन से मिटे, संकट और क्लेश।। जन्म मरण के चक्र से, तारो प्रभु अमिताभ।करुणा सागर दीजिए, गुण बुधि विद्या लाभ।। चौपाई जय-जय बुद्ध करुणा के सागर।शील विनय वात्सल्य के आगर।। करुणाशील प्रजा हितकारी।कपिलवस्तु के राजा भारी।। पिता शुद्धोधन मातु थी माया।शाक्य वंश में […]

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श्री बुध चालीसा (Shri Budh Chalisa)

श्री बुध चालीसा दोहा नमो नमो जय श्री बुध राजा।करहुं कृपा मोहि जानि कायर अधम का।। करहुं कृपा कृपानिधि बुध सदा सहाय।रोग दोष दुख हरो अनाथ के नाथ।। चौपाई जयति जयति बुध देव दयाला।सदा करत जो सुकृत प्रतिपाला।। जटा मुकुट सिर शोभित भारी।त्रिपुण्ड चंदन रेखा प्यारी।। गरल कनठ सर्प जग माला।नाग कंकन कर मंडित भाला।। […]

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श्री शुक्र चालीसा (Shri Shukra Chalisa)

श्री शुक्र चालीसा दोहा श्री गणपति गुरु गौरि, शंकर हनुमत कीन्ह।बिनवउं शुभ फल देन हरि, मुद मंगल दीन।। चौपाई जयति जयति शुक्र देव दयाला।करत सदा जनप्रतिपाला।। श्वेताम्बर, श्वेत वारन, शोभित।मुख मंद, चंदन हिय लोभित।। सुन्दर रत्नजटित आभूषण।प्रियहिं मधुर, शीतल सुवासण।। सप्त भुज, सोभा निधि लावण्य।करत सदा जन, मंगल कान्य।। मंगलमय, सुख सदा सवारथ।दीनदयालु, कृपा निधि […]

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श्री शीतला माता चालीसा (Sheetla Mata Chalisa)

श्री शीतला माता चालीसा दोहा जय जय माता शीतला तुमही धरे जो ध्यान।होय बिमल शीतल हृदय विकसे बुद्धी बल ज्ञान।। घट घट वासी शीतला शीतल प्रभा तुम्हार।शीतल छैंय्या शीतल मैंय्या पल ना दार।। चौपाई जय जय श्री शीतला भवानी।जय जग जननि सकल गुणधानी।। गृह गृह शक्ति तुम्हारी राजती।पूरन शरन चंद्रसा साजती।। विस्फोटक सी जलत शरीरा।शीतल […]

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श्री शारदा चालीसा (Shri Sharda Chalisa)

श्री शारदा चालीसा दोहा मूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर आन विराज।माला, पुस्तक, धारिणी, वीणा कर में साज।। चौपाई जय जय जय शारदा महारानी।आदि शक्ति तुम जग कल्याणी।। रूप चतुर्भुज तुम्हरो माता।तीन लोक महं तुम विख्याता।। दो सहस्त्र वर्षहि अनुमाना।प्रगट भई शारदा जग जाना।। मैहर नगर विश्व विख्याता।जहाँ बैठी शारदा जग माता।। त्रिकूट पर्वत शारदा वासा।मैहर नगरी […]

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श्री मृत्युंजय चालीसा (Mrityunjay Chalisa)

श्री मृत्युंजय चालीसा दोहा मृत्युंजय चालीसा यह जो है गुणों की खान।अल्प मृत्यु ग्रह दोष सब तन के कष्ट महान।। छल व कपट छोड़ कर जो करे नित्य ध्यान।सहजानंद है कह रहे मिटे सभी अज्ञान।। चौपाई जय मृत्युंजय जग पालन कर्ता।अकाल मृत्यु दुख सबके हर्ता।। अष्ट भुजा तन प्यारी।देख छवि जग मति बिसारी।। चार भुजा […]

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श्री चंद्रदेव चालीसा (Chandra Dev Chalisa)

श्री चंद्रदेव चालीसा दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान।। चौपाई चंद्र तेज धर आप सदा, करुणा सिंधु भगवान।धवल रूप मन मोहिनी, चमत्कार गुण खान।। शीतलता के देव तुम, मन को देते छांव।ग्रह दोष सब हरते हो, देते शुभ फल दांव।। चमक तुम्हारी अद्भुत, जीवन का आधार।सौम्यता के प्रतीक […]

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श्री ब्रह्मा चालीसा (Shri Brahma Chalisa)

श्री ब्रह्मा चालीसा दोहा जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल।करहु कृपा निज दास पै, रहहु सदा अनुकूल।। तुम सृजक ब्रह्माण्ड के, अज विधि घाता नाम।विश्वविधाता कीजिये, जन पै कृपा ललाम।। चौपाई जय जय कमलासान जगमूला।रहहू सदा जनपै अनुकूला।। रुप चतुर्भुज परम सुहावन।तुम्हें अहैं चतुर्दिक आनन।। रक्तवर्ण तव सुभग शरीर।मस्तक जटाजुट गंभीरा।। ताके ऊपर मुकुट बिराजै।दाढ़ी […]

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माँ अन्नपूर्णा चालीसा (Maa Annapurna Chalisa)

माँ अन्नपूर्णा चालीसा दोहा विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय।। चौपाई नित्य आनंद करिणी माता।वर अरु अभय भाव प्रख्याता।। जय सौंदर्य सिंधु जग जननी।अखिल पाप हर भव-भय-हरनी।। श्वेत बदन पर श्वेत बसन पुनि।संतन तुव पद सेवत ऋषिमुनि।। काशी पुराधीश्वरी माता।माहेश्वरी सकल जग त्राता।। वृषभारुढ़ नाम रुद्राणी।विश्व विहारिणि जय कल्याणी।। […]

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श्री वैष्णो देवी चालीसा (Shri Vaishno Devi Chalisa)

श्री वैष्णो देवी चालीसा दोहा गरुड़ वाहिनी वैष्णवी, त्रिकुटा पर्वत धाम।काली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम।। चौपाई नमो नमो वैष्णो वरदानी।कलि काल मे शुभ कल्याणी।। मणि पर्वत पर ज्योति तुम्हारी।पिंडी रूप में हो अवतारी।। देवी देवता अंश दियो है।रत्नाकर घर जन्म लियो है।। करी तपस्या राम को पाऊँ।त्रेता की शक्ति कहलाऊँ।। कहा राम मणि पर्वत […]

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श्री सीता माता चालीसा (Sita Mata Chalisa)

श्री सीता माता चालीसा दोहा बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम।राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम।। कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम।मन मन्दिर बासा करें दुःख भंजन सिया राम।। चौपाई राम प्रिया रघुपति रघुराई।बैदेही की कीरत गाई।। चरण कमल बन्दों सिर नाई।सिय सुरसरि सब पाप नसाई।। जनक दुलारी राघव प्यारी।भरत लखन […]

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माँ कामाख्या चालीसा (Maa Kamakhya Chalisa)

माँ कामाख्या चालीसा दोहा सुमिरन कामाख्या करुँ, सकल सिद्धि की खानि।होइ प्रसन्न सत करहु माँ, जो मैं कहौं बखानि।। चौपाई जै जै कामाख्या महारानी।दात्री सब सुख सिद्धि भवानी।। कामरुप है वास तुम्हारो।जहँ ते मन नहिं टरत है टारो।। ऊँचे गिरि पर करहुँ निवासा।पुरवहु सदा भगत मन आसा।। ऋद्धि सिद्धि तुरतै मिलि जाई।जो जन ध्यान धरै […]

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श्री झूलेलाल चालीसा (Jhulelal Chalisa)

श्री झूलेलाल चालीसा दोहा जय जय जल देवता, जय ज्योति स्वरूप।अमर उडेरो लाल जय, झुलेलाल अनूप।। चौपाई रतनलाल रतनाणी नंदन।जयति देवकी सुत जग वंदन।। दरियाशाह वरुण अवतारी।जय जय लाल साईं सुखकारी।। जय जय होय धर्म की भीरा।जिन्दा पीर हरे जन पीरा।। संवत दस सौ सात मंझरा।चैत्र शुक्ल द्वितिया भगऊ वारा।। ग्राम नसरपुर सिंध प्रदेशा।प्रभु अवतरे […]

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श्री गंगा चालीसा (Ganga Chalisa)

श्री गंगा चालीसा दोहा जय जय जय जग पावनी जयति देवसरि गंग।जय शिव जटा निवासिनी अनुपम तुंग तरंग।। चौपाई जय जग जननि अघ खानी, आनन्द करनि गंग महरानी।जय भागीरथि सुरसरि माता, कलिमल मूल दलनि विखयाता।। जय जय जय हनु सुता अघ अननी, भीषम की माता जग जननी।धवल कमल दल मम तनु साजे, लखि शत शरद […]

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श्री दत्तात्रेय चालीसा (Dattatreya Chalisa)

श्री दत्तात्रेय चालीसा दोहा जय गुरुदत्त अत्रेय, त्रिगुण अवतार।सकल जनम हित करन को, धरयो भव पार।। चौपाई जय दिगम्बर दत्त दयाला।कृपा सिन्धु सुख सागर नाला।। त्रिमूर्ति रूप तुम्हारो भारी।ब्रह्मा विष्णु शंकर अवतारी।। जय दत्त गुरु अद्भुत स्वामी।पारब्रह्म परमानन्द धामी।। अज जन्म अज योगीश्वर राजा।मायापति जग के त्राता।। गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु साखी।गुरु देवो महेश्वर राखी।। […]

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श्री गुरु चालीसा (Guru Chalisa)

श्री गुरु चालीसा दोहा ॐ नमो गुरुदेवजी, सबके सरजन हार।व्यापक अंतर बाहर में, पार ब्रह्म करतार।। देवन के भी देव हो, सिमरुं मैं बारम्बार।आपकी किरपा बिना, होवे न भव से पार।। ऋषि-मुनि सब संत जन, जपें तुम्हारा जाप।आत्मज्ञान घट पाय के, निर्भय हो गये आप।। गुरु चालीसा जो पढ़े, उर गुरु ध्यान लगाय।जन्म-मरण भव दुःख […]

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श्री गर्भ चालीसा (Garbh Chalisa)

श्री गर्भ चालीसा दोहा प्राचीन शास्र पुराण से मिलता अगर भविज्ञान।सुसंस्कार जीवात्मा को कैसे करे आह्वान।। अच्छे विचार उत्तम विहार और वाणी व्यहार।पति पत्नी मिलकर करे गर्भाधान संस्कार।। चौपाई दंपति चाहे गर्भा धारण।करि कर बाधन मंत्र उच्चारण।। महावारी के दशवे दिन से।महावारी के बिसवे दिन तक।। देव दर्शन और स्नानाधि।कुमकुम अक्षत जल और हल्दी।। पुष्प […]

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श्री पद्मप्रभु भगवान चालीसा (Padamprabhu Chalisa)

श्री पद्मप्रभु भगवान चालीसा दोहा शीश नवा अरिहन्त को सिद्धन करूँ प्रणाम।उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम।। सर्व साधु और सरस्वती जिनमंदिर सुखकार।पद्मपुरी के पद्म को मन-मंदिर में धार।। चौपाई जय श्री पद्मप्रभु गुणधारी, भवि-जन को तुम हो हितकारी।देवों के तुम देव कहाओ, पाप भक्त के दूर हटाओ।। तुम जग में सर्वज्ञ कहाओ, छट्ठे तीर्थंकर […]

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श्री नमोकार चालीसा (Namokar Chalisa)

श्री नमोकार चालीसा दोहा सब सिद्धों को नमन कर, सरस्वती को ध्याय।चालीसा नवकार का, लिखूं त्रियोग लगाय।। चौपाई महामंत्र नवकार हमारा।जन जन को प्राणों से प्यारा।। मंगलमय यह प्रथम कहा है।मंत्र अनादि निधन महा है।। षट खण्डागम में गुरुवर ने।मंगलाचरण लिखा प्राकृत में।। यहीं से ही लिपिबद्ध हुआ है।भवि जन ने डर धार लिया है।। […]

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श्री नाकोड़ा भैरव चालीसा (Nakoda Bhairav Chalisa)

श्री नाकोड़ा भैरव चालीसा दोहा पार्श्वनाथ भगवान की, मूरत चित बसाए।भैरव चालीसा लिखू, गाता मन हरसाए।। चौपाई नाकोडा भैरव सुखकारी, गुण गाये ये दुनिया सारी।भैरव की महिमा अति भारी, भैरव नाम जपे नर नारी।। जिनवर के हैं आज्ञाकारी, श्रद्धा रखते समकित धारी।प्रातःउठ जो भैरव ध्याता, ऋद्धि सिद्धि सब संपत्ति पाता।। भैरव नाम जपे जो कोई, […]

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श्री शांतिनाथ चालीसा (Shantinath Chalisa)

श्री शांतिनाथ चालीसा दोहा शान્તિनाथ भगवान का, चालीसा सुखकार।मोक्ष प्राप्ति के लिय, कहूँ सुनो चितधार।। चालीसा चालीस दिन तक, कह चालीस बार।बढ़े जगत सम्पन, सुमत अनुपम शुद्ध विचार।। चौपाई शान્તિनाथ तुम शान્તિनायक।પણ્ચમ चक्री जग सुखदायक।। तुम ही सोलहवे हो तीर्थंकर।पूजें देव भूप सुर गणधर।। पत्र्चाचार गुणोके धारी।कर्म रहित आठों गुणकारी।। तुमने मोक्ष मार्ग दर्शाया।निज गुण […]

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श्री नरसिंह चालीसा (Narsingh Chalisa)

श्री नरसिंह चालीसा दोहा मास वैशाख कृतिका युत, हरण मही को भार।शुक्ल चतुर्दशी सोम दिन, लियो नरसिंह अवतार।। धन्य तुम्हारो सिंह तनु, धन्य तुम्हारो नाम।तुमरे सुमरन से प्रभु, पूरन हो सब काम।। चौपाई नरसिंह देव में सुमरों तोहि।धन बल विद्या दान दे मोहि।। जय-जय नरसिंह कृपाला।करो सदा भक्तन प्रतिपाला।। विष्णु के अवतार दयाला।महाकाल कालन को […]

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जीण माता चालीसा (Jeen Mata Chalisa)

जीण माता चालीसा दोहा श्री गुरुपद सुमिरण करूँ, गौरीनंदन ध्याय।वरणऊ माता जीण यश, चरणों शीश नवाय।। झांकी की अद्भुत छवि, शोभा कही न जाय।जो नित सुमरे माय को, कष्ट दूर हो जाय।। चौपाई जय श्री जीणभक्त सुखकारी।नमो नमो भक्तन हितकारी।। दुर्गा की तुम हो अवतारा।सकल कष्ट तु मेट हमारा।। महाभयंकर तेज तुम्हारा।महिषासुर सा दुष्ट संहारा।। […]

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श्री राहु चालीसा (Rahu Chalisa)

श्री राहु चालीसा दोहा नमो नमो श्री राहु सुखकारी।सभी कष्टों को हरने वाले, भक्तों को सुख देने वाले।। जयति जयति श्री राहु महाराज।भव बंधन से करते सबका उद्धार।। चौपाई जयति जयति श्री राहु दयाला।सदा भक्तन के संकट हारा।। सर्पाकार, फणी धर शेषा।राहु देव, संकट हरनेवाला।। सिर कटे पर धड़ ना छोड़ा।अमृत पान किया संत मोड़ा।। […]

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श्री पद्मावती माता चालीसा (Padmavati Mata Chalisa)

श्री पद्मावती माता चालीसा दोहा पार्श्वनाथ भगवान को मन मंदिर में ध्याय।लिखने का साहस करूं चालीसा सुखदाय।। उन प्रभुवर श्री पार्श्व की, यक्षी मात महान।पद्मावति जी नाम है, सर्व गुणों की खान।। जिनशासन की रक्षिका, के गुण वरणू आज।चालीसा विधिवत पढ़े, पूर्ण होय सब काज।। चौपाई जय जय जय पद्मावति माता, सच्चे मन से जो […]

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श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा (Munisuvrat Nath Chalisa)

श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा दोहा अरिहंत सिद्ध आचार्य को करूँ प्रणाम।उपाध्याय सर्व-साधू करते स्व-पर-कल्याण।। जिनधर्म जिनागम जिनमंदिर पवित्र-धाम।वीतराग की प्रतिमा को कोटि-कोटि प्रणाम।। चौपाई जय मुनिसुव्रत दया के सागर, नाम प्रभू का लोक-उजागर।सुमित्रा राजा के तुम नंदा, माँ शामा की आँखों के चंदा।। श्यामवर्ण-मूरत प्रभू की प्यारी, गुणगान करें निश-दिन नर-नारी।मुनिसुव्रत-जिन हो अंतरयामी, श्रद्धा-भाव-सहित तुम्हें प्रणामी।। […]

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श्री गोरखनाथ चालीसा (Gorakhnath Chalisa)

श्री गोरखनाथ चालीसा दोहा गणपति गिरिजा पुत्र को, सिमरूँ बारम्बार।हाथ जोड़ विनती करूँ, शारद नाम अधार।। चौपाई जय जय जय गोरख अविनाशी।कृपा करो गुरुदेव प्रकाशी।। जय जय जय गोरख गुणज्ञानी।इच्छा रूप योगी वरदानी।। अलख निरंजन तुम्हरो नामा।सदा करो भक्तन हित कामा।। नाम तुम्हारा जो कोई गावे।जन्म जन्म के दुःख नशावे।। जो कोई गोरक्ष नाम सुनावे।भूत […]

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श्री गिरिराज चालीसा (Giriraj Chalisa)

श्री गिरिराज चालीसा दोहा बन्दहुँ वीणा वादिनी धरि गणपति को ध्यान।महाशक्ति राधा सहित, कृष्ण करौ कल्याण।। सुमिरन करि सब देवगण, गुरु पितु बारम्बार।बरनौ श्रीगिरिराज यश, निज मति के अनुसार।। चौपाई जय हो जय बंदित गिरिराजा।ब्रज मण्डल के श्री महाराजा।। विष्णु रूप तुम हो अवतारी।सुन्दरता पै जग बलिहारी।। स्वर्ण शिखर अति शोभा पावें।सुर मुनि गण दरशन […]

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श्री गौरी माँ चालीसा (Gauri Maa Chalisa)

श्री गौरी माँ चालीसा दोहा मन मंदिर मेरे आन बसो, आरम्भ करूं गुणगान।गौरी माँ मातेश्वरी, दो चरणों का ध्यान।। पूजन विधी न जानती, पर श्रद्धा है आपर।प्रणाम मेरा स्विकारिये, हे माँ प्राण आधार।। चौपाई नमो नमो हे गौरी माता, आप हो मेरी भाग्य विधाता।शरनागत न कभी गभराता, गौरी उमा शंकरी माता।। आपका प्रिय है आदर […]

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श्री चंद्रप्रभु चालीसा (Chandraprabhu Chalisa)

श्री चंद्रप्रभु चालीसा दोहा वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिन वाणी को ध्याय।लिखने का साहस करुं, चालीसा सिर नाय।। देहरे के श्रीचन्द्र को, पूजौं मन वच काय।ऋद्धि सिद्धि मंगल करें, विघ्न दूर हो जाय।। चौपाई जय श्रीचन्द्र दया के सागर, देहरे वाले ज्ञान उजागर।शांति छवि मूरति अति प्यारी, भेष दिगम्बर धारा भारी।। नासा पर है दृष्टि तुम्हारी, […]

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श्री विश्वकर्मा चालीसा (Vishwakarma Chalisa)

श्री विश्वकर्मा चालीसा दोहा श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान।श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान।। चौपाई जय श्री विश्वकर्म भगवाना।जय विश्वेश्वर कृपा निधाना।। शिल्पाचार्य परम उपकारी।भुवना-पुत्र नाम छविकारी।। अष्टमबसु प्रभास-सुत नागर।शिल्पज्ञान जग कियउ उजागर।। अद्‍भुत सकल सृष्टि के कर्ता।सत्य ज्ञान श्रुति जग हित धर्ता।। अतुल तेज तुम्हतो जग माहीं।कोई विश्व मंह जानत नाही।। […]

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श्री रामदेव चालीसा (Ramdev Chalisa)

श्री रामदेव चालीसा दोहा जय जय जय प्रभु रामदे, नमो नमो हरबार।लाज रखो तुम नन्द की, हरो पाप का भार।। दीन बन्धु किरपा करो, मोर हरो संताप।स्वामी तीनो लोक के, हरो क्लेश, अरू पाप।। चौपाई जय जय रामदेव जयकारी।विपद हरो तुम आन हमारी।। तुम हो सुख सम्पति के दाता।भक्त जनो के भाग्य विधाता।। बाल रूप […]

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श्री महालक्ष्मी चालीसा (Mahalakshmi Chalisa)

श्री महालक्ष्मी चालीसा दोहा जय जय श्री महालक्ष्मी,करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये,निज शिशु सेवक जान।। चौपाई नमो महा लक्ष्मी जय माता।तेरो नाम जगत विख्याता।। आदि शक्ति हो मात भवानी।पूजत सब नर मुनि ज्ञानी।। जगत पालिनी सब सुख करनी।निज जनहित भण्डारण भरनी।। श्वेत कमल दल पर तव आसन।मात सुशोभित है पद्मासन।। श्वेताम्बर अरू श्वेता […]

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श्री महाकाल चालीसा (Mahakal Chalisa)

श्री महाकाल चालीसा दोहा श्री महाकाल भगवान की महिमा अपरम्पार।पूरी करते कामना भक्तों की करतार।। विद्या – बुद्धि – तेज – बल – दूध – पूत – धन – धान।अपने अक्षय कोष से भगवान करो प्रदान।। चौपाई जय महाकाल काल के नाशक।जय त्रिलोकपति मोक्ष प्रदायक।। मृत्युंजय भवबाधा हारी।शत्रुंजय करो विजय हमारी।। आकाश में तारक लिंगम्।पाताल […]

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मां चिंतपूर्णी चालीसा (Chintpurni Mata Chalisa)

मां चिंतपूर्णी चालीसा दोहा चित्त में बसो चिंतपूर्णी, छिन्नमस्तिका मात।सात बहनों में लाड़ली, हो जग में विख्यात।। माईदास पर की कृपा, रूप दिखाया श्याम।सबकी हो वरदायनी, शक्ति तुम्हें प्रणाम।। चौपाई छिन्नमस्तिका मात भवानी, कलिकाल में शुभ कल्याणी।सती आपको अंश दियो है, चिंतपूर्णी नाम कियो है।। चरणों की लीला है न्यारी, जिनको पूजे हर नर-नारी।देवी-देवता हैं […]

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श्री बृहस्पति चालीसा (Brihaspati Chalisa)

श्री बृहस्पति चालीसा दोहा प्रन्वाऊ प्रथम गुरु चरण, बुद्धि ज्ञान गुन खान।श्री गणेश शारद सहित, बसों ह्रदय में आन।। अज्ञानी मति मंद मैं, हैं गुरुस्वामी सुजान।दोषों से मैं भरा हुआ हूँ तुम हो कृपा निधान।। चौपाई जय नारायण जय निखिलेशवर।विश्व प्रसिद्ध अखिल तंत्रेश्वर।। यंत्र-मंत्र विज्ञानं के ज्ञाता।भारत भू के प्रेम प्रेनता।। जब जब हुई धरम […]

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श्री आदिनाथ चालीसा (Adinath Chalisa)

श्री आदिनाथ चालीसा दोहा शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूं प्रणाम।उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम।। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार।आदिनाथ भगवान को, मन मन्दिर में धार।। चौपाई जय जय आदिनाथ जिन के स्वामी।तीनकाल तिहूं जग में नामी।। वेष दिगम्बर धार रहे हो।कर्मों को तुम मार रहे हो।। हो सर्वज्ञ बात सब जानो।सारी […]

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श्री पितृ चालीसा (Pitra Chalisa)

श्री पितृ चालीसा दोहा हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद।चरणाशीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ।। सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी।हे पितरेश्वर दया राखियो करियो मन की चाया जी।। चौपाई पितरेश्वर करो मार्ग उजागर।चरण रज की मुक्ति सागर।। परम उपकार पितरेश्वर कीन्हा।मनुष्य योणि में जन्म दीन्हा।। मातृ-पितृ देव मनजो भावे।सोई […]

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श्री महाकाली चालीसा (Mahakali Chalisa)

श्री महाकाली चालीसा दोहा जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब।देहु दर्श जगदम्ब अब, करो न मातु विलम्ब।। जय तारा जय कालिका, जय दश विद्या वृन्द।काली चालीसा रचत एक, सिद्धि कवि हिन्द।। प्रातः काल उठ जो पढ़े, दुपहरिया या शाम।दुःख दारिद्रता दूर हों, सिद्धि होय सब काम।। चौपाई जय काली कंकाल मालिनी।जय मंगला महा कपालिनी।। रक्तबीज […]

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श्री करणी चालीसा (Karni Chalisa)

श्री करणी चालीसा दोहा जय गणेश जय गज बदन, करण सुमंगल मूल।करहू कृपा निज दास पर, रहू सदा अनुकूल।। जय जननी जगदिश्वरी, कह कर बारम्बार।जगदम्बा करणी सुयश, वरणऊ मति अनुसार।। चौपाई सुमिरौ जय जगदम्ब भवानी।महिमा अकथ न जाय बखानी।। नमो नमो मेहाई करणी।नमो नमो अम्बे दुःख हरणी।। आदि शक्ति जगदम्बे माता।दुःख को हरणि सुखों कि […]

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श्री चामुण्डा देवी चालीसा (Chamunda Devi Chalisa)

श्री चामुण्डा देवी चालीसा दोहा नीलवरण मां कालिका, रहती सदा प्रचंड।दस हाथों में अस्त्र धार, देती दुष्ट को दंड।। मधु कैटभ संहार कर, करी धर्म की जीत।मेरी भी बाधा हरो, हो जो कर्म पुनीत।। चौपाई नमस्कार चामुंडा माता।तीनों लोक में तुम विख्याता।। हिमालय में पवित्र धाम है।महाशक्ति तुमको प्रणाम है।। मार्कण्डेय ऋषि ने ध्याया।कैसे प्रकटी […]

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श्री बालाजी चालीसा (Mehandipur Balaji Chalisa)

श्री बालाजी चालीसा दोहा श्री गुरु चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान।बालाजी चालीसा लिखे “ओम” स्नेही कल्याण।। विश्व विदित वर दानी संकट हरण हनुमान।मेंहदीपुर में प्रगट भये बालाजी भगवान।। चौपाई जय हनुमान बालाजी देवा।प्रगट भये यहां तीनों देवा।। प्रेतराज भैरव बलवाना।कोलवाल कप्तानी हनुमाना।। मेंहदीपुर अवतार लिया है।भक्तों का उद्धार किया है।। बालरूप प्रगटे हैं यहां […]

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श्री विनय चालीसा (Neeb Karori Baba Chalisa)

श्री विनय चालीसा दोहा मैं हूँ बुद्धि मलीन अति, श्रद्धा भक्ति विहीन।करूँ विनय कछु आपकी, हो सब ही विधि दीन।। चौपाई जय जय नीब करोली बाबा।कृपा करहु आवै सद्भावा।। कैसे मैं तव स्तुति बखानू।नाम ग्राम कछु मैं नहीं जानूँ।। जापे कृपा द्रिष्टि तुम करहु।रोग शोक दुःख दारिद हरहु।। तुम्हरौ रूप लोग नहीं जानै।जापै कृपा करहु […]

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श्री संतोषी माता चालीसा (Santoshi Mata Chalisa)

श्री संतोषी माता चालीसा दोहा बन्दौं संतोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार।ध्यान धरत ही होत नर दुख सागर से पार।। भक्तन को संतोष दे संतोषी तव नाम।कृपा करहु जगदंबा अब आया तेरे धाम।। चौपाई जय संतोषी मात अनुपम।शांतिदायिनी रूप मनोरम।। सुंदर वरण चतुर्भुज रूपा।वेश मनोहर ललित अनुपा।। श्‍वेतांबर रूप मनहारी।मां तुम्हारी छवि जग से न्यारी।। दिव्य स्वरूपा […]

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श्री नवग्रह चालीसा (Navgrah Chalisa)

श्री नवग्रह चालीसा दोहा श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय।नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय।। जय जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज।जयति राहु अरु केतु ग्रह, करहु अनुग्रह आज।। चौपाई श्री सूर्य स्तुति प्रथमहि रवि कहँ नावौं माथा।करहुं कृपा जनि जानि अनाथा।। हे आदित्य दिवाकर भानू।मैं मति मन्द महा अज्ञानू।। […]

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श्री जाहरवीर चालीसा (Jaharveer Chalisa)

श्री जाहरवीर चालीसा दोहा सुवन केहरी जेवर, सुत महाबली रनधीर।बन्दौं सुत रानी बाछला, विपत निवारण वीर।। जय जय जय चौहान, वन्स गूगा वीर अनूप।अनंगपाल को जीतकर, आप बने सुर भूप।। चौपाई जय जय जय जाहर रणधीरा।पर दुख भंजन बागड़ वीरा।। गुरु गोरख का है वरदानी।जाहरवीर जोधा लासानी।। गौरवरण मुख महा विशाला।माथे मुकट घुंघराले बाला।। कांधे […]

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श्री महावीर चालीसा (Mahavir Chalisa)

श्री महावीर चालीसा दोहा शीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम।उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम।। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार।महावीर भगवान को, मन-मन्दिर में धार।। चौपाई जय महावीर दयालु स्वामी।वीर प्रभु तुम जग में नामी।। वर्धमान है नाम तुम्हारा।लगे हृदय को प्यारा प्यारा।। शांति छवि और मोहनी मूरत।शान हँसीली सोहनी सूरत।। तुमने […]

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श्री ललिता माता चालीसा (Lalita Mata Chalisa)

श्री ललिता माता चालीसा चौपाई जयति-जयति जय ललिते माता।तव गुण महिमा है विख्याता।। तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी।सुर नर मुनि तेरे पद सेवी।। तू कल्याणी कष्ट निवारिणी।तू सुख दायिनी, विपदा हारिणी।। मोह विनाशिनी दैत्य नाशिनी।भक्त भाविनी ज्योति प्रकाशिनी।। आदि शक्ति श्री विद्या रूपा।चक्र स्वामिनी देह अनूपा।। हृदय निवासिनी-भक्त तारिणी।नाना कष्ट विपति दल हारिणी।। दश विद्या है […]

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श्री गोपाल चालीसा (Gopal Chalisa)

श्री गोपाल चालीसा दोहा श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल।वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल।। चौपाई जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी।दुष्ट दलन लीला अवतारी।। जो कोई तुम्हरी लीला गावै।बिन श्रम सकल पदारथ पावै।। श्री वसुदेव देवकी माता।प्रकट भये संग हलधर भ्राता।। मथुरा सों प्रभु गोकुल आये।नन्द भवन में बजत बधाये।। जो विष देन […]

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श्री पार्श्वनाथ चालीसा (Shri Parshwanath Chalisa)

श्री पार्श्वनाथ चालीसा दोहा शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूं प्रणाम।उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम।। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मंदिर सुखकार।अहिच्छत्र और पार्श्व को, मन मंदिर में धार।। चौपाई पार्श्वनाथ जगत हितकारी।हो स्वामी तुम व्रत के धारी।। सुर नर असुर करें तुम सेवा।तुम ही सब देवन के देवा।। तुमसे करम शत्रु भी हारा।तुम […]

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श्री कुबेर चालीसा (Kuber Chalisa)

श्री कुबेर चालीसा दोहा जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर। ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे, अविचल खडे कुबेर।। विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर। भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढेर।। चौपाई जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी। धन माया के तुम अधिकारी।। तप तेज पुंज निर्भय भय हारी। पवन वेग […]

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श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा (Shri Vindhyeshwari Chalisa)

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा दोहा नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब।संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब।। चौपाई जय जय जय विन्ध्याचल रानी।आदि शक्ति जग विदित भवानी।। सिंह वाहिनी जय जगमाता।जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता।। कष्ट निवारिनि जय जग देवी।जय जय संत असुर सुर सेवी।। महिमा अमित अपार तुम्हारी।शेष सहस मुख वर्णत हारी।। दीनन के […]

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श्री तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa)

श्री तुलसी चालीसा दोहा जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी।। श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब।। चौपाई धन्य धन्य श्री तुलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता।। हरि के प्राणहु से तुम प्यारी। हरीहीँ हेतु कीन्हो तप भारी।। […]

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श्री साईं चालीसा (Sai Chalisa)

श्री साईं चालीसा पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं। कैसे शिरडी साईं आए, सारा हाल सुनाऊं मैं।। कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी ने भी जाना। कहां जन्म साईं ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना।। कोई कहे अयोध्या के, ये रामचंद्र भगवान हैं। कोई कहता साईं बाबा, पवन पुत्र […]

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श्री पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa)

श्री पार्वती चालीसा दोहा जय गिरी तनये दक्षजे शम्भू प्रिये गुणखानि।गणपति जननी पार्वती अम्बे! शक्ति! भवानि।। चौपाई ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे,पंच बदन नित तुमको ध्यावे।षड्मुख कहि न सकत यश तेरो,सहसबदन श्रम करत घनेरो।। तेऊ पार न पावत माता,स्थित रक्षा लय हिय सजाता।अधर प्रवाल सदृश अरुणारे,अति कमनीय नयन कजरारे।। ललित ललाट विलेपित केशर,कुंकुंम अक्षत शोभा […]

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श्री सूर्य चालीसा (Surya Chalisa)

श्री सूर्य चालीसा दोहा कनक बदन कुंडल मकर, मुक्ता माला अंग। पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग।। चौपाई जय सविता जय जयति दिवाकर। सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर।। भानु पतंग मरीची भास्कर। सविता हंस सुनूर विभाकर।। विवस्वान आदित्य विकर्तन। मार्तण्ड हरिरूप विरोचन।। अम्बरमणि खग रवि कहलाते। वेद हिरण्यगर्भ कह गाते।। सहस्रांशु प्रद्योतन कहिकहि। मुनिगन होत प्रसन्न […]

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श्री राम चालीसा (Ram Chalisa)

श्री राम चालीसा चौपाई श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।। निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई।। ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं।। दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना।। तब भुज दण्ड प्रचण्ड कृपाला। रावण मारि सुरन प्रतिपाला।। तुम अनाथ के […]

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श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa)

श्री कृष्ण चालीसा दोहा बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम।। पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज।। चौपाई जय यदुनंदन जय जगवंदन। जय वसुदेव देवकी नन्दन।। जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे।। जय नट-नागर, नाग […]

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श्री भैरव चालीसा (Bhairav Chalisa)

श्री भैरव चालीसा दोहा श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ। चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ।। श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल। श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल।। चौपाई जय जय श्री काली के लाला। जयति जयति काशी- कुतवाला।। जयति बटुक- भैरव भय हारी। जयति काल- भैरव बलकारी।। जयति नाथ- […]

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श्री बगलामुखी चालीसा (Baglamukhi Chalisa)

श्री बगलामुखी चालीसा दोहा नमो महाविधा बरदा, बगलामुखी दयाल। स्तम्भन क्षण में करे, सुमरित अरिकुल काल।। चौपाई नमो नमो पीताम्बरा भवानी। बगलामुखी नमो कल्यानी।। भक्त वत्सला शत्रु नशानी। नमो महाविधा वरदानी।। अमृत सागर बीच तुम्हारा। रत्न जड़ित मणि मंडित प्यारा।। स्वर्ण सिंहासन पर आसीना। पीताम्बर अति दिव्य नवीना।। स्वर्णभूषण सुन्दर धारे। सिर पर चन्द्र मुकुट […]

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श्री खाटू श्याम चालीसा (Khatu Shyam Chalisa)

श्री खाटू श्याम चालीसा दोहा श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद। श्याम चालीसा बणत है, रच चौपाई छंद।। चौपाई श्याम-श्याम भजि बारंबारा। सहज ही हो भवसागर पारा।। इन सम देव न दूजा कोई। दिन दयालु न दाता होई।। भीम सुपुत्र अहिलावाती जाया। कही भीम का पौत्र कहलाया।। यह सब कथा कही कल्पांतर। तनिक न […]

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श्री राधा चालीसा (Radha Chalisa)

श्री राधा चालीसा दोहा श्री राधे वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार।वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रानावौ बारम्बार।। जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम।चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम।। चौपाई जय वृषभान कुँवरी श्री श्यामा।कीरति नंदिनी शोभा धामा।। नित्य विहारिनि श्याम अधारा।अमित मोद मंगल दातारा।। रास विलासिनि रस विस्तारिनि।सहचरि सुभग यूथ मन भावनि।। नित्य किशोरी राधा गोरी।श्याम प्राणधन अति जिय […]

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श्री काली चालीसा (Kali Chalisa)

श्री काली चालीसा दोहा जय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के, निशदिन हृदय निकुंज।। जयति कपाली कालिका, कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वरदायिनी, निज सेवक अनुमानि।। चौपाई जय जय जय काली कंकाली। जय कपालिनी, जयति कराली।। शंकर प्रिया, अपर्णा, अम्बा। जय कपर्दिनी, जय जगदम्बा।। आर्या, हला, अम्बिका, माया। कात्यायनी […]

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श्री सरस्वती चालीसा (Saraswati Chalisa)

श्री सरस्वती चालीसा दोहा जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि।। पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्टजनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु।। चौपाई जय श्री सकल बुद्धि बलरासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी।। जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी।। रूप […]

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माँ गायत्री चालीसा (Maa Gayatri Chalisa)

माँ गायत्री चालीसा ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचंड ॥शांति कांति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखंड ॥1॥ जगत जननी मंगल करनि गायत्री सुखधाम ।प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ २॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी ।गायत्री नित कलिमल दहनी ॥॥ अक्षर चौबीस परम पुनीता ।इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥॥ शाश्वत सतोगुणी […]

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श्री विष्णु चालीसा (Vishnu Chalisa)

श्री विष्णु चालीसा दोहा विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय। चौपाई नमो विष्णु भगवान खरारी।कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥ प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी।त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत।सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥ तन पर पीतांबर अति सोहत।बैजन्ती माला मन मोहत॥ शंख चक्र कर गदा बिराजे।देखत दैत्य असुर दल […]

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श्री लक्ष्मी चालीसा (Lakshmi Chalisa)

श्री लक्ष्मी चालीसा दोहा मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास।मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार।ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर बारंबार॥ टेक॥ सोरठा यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करूं।सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥ चौपाई सिन्धु सुता मैं सुमिरौं तोही।ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोहि॥तुम समान नहिं […]

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श्री गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa)

श्री गणेश चालीसा दोहा जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल ।विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥ चौपाई जय जय जय गणपति गणराजू ।मंगल भरण करण शुभः काजू ॥ जै गजबदन सदन सुखदाता ।विश्व विनायका बुद्धि विधाता ॥ वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना ।तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन ॥ राजत मणि मुक्तन उर […]

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श्री शनि चालीसा (Shani Chalisa)

श्री शनि चालीसा दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।दीनन के दुःख दूर करि , कीजै नाथ निहाल ॥1॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु , सुनहु विनय महाराज ।करहु कृपा हे रवि तनय , राखहु जन की लाज ॥2॥ जयति जयति शनिदेव दयाला । करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥चारि भुजा, तनु श्याम विराजै […]

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श्री दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa)

श्री दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी।नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी।तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला।नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे।दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लै कीना।पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला।तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ प्रलयकाल सब […]

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श्री महादेव शिव चालीसा (Shiv Chalisa)

शिव चालीसा दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ चौपाई जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ॥ अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे […]

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श्री हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa)

श्री हनुमान चालीसा दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा।अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी।कुमति निवार सुमति के संगी।। कंचन […]

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