श्री आशापुरा माता चालीसा (Ashapura Mata Chalisa)
श्री आशापुरा माता चालीसा
चौपाई
माँ आशापुरा माताजी सुखकारी।
गुण गाये ये दुनिया सारी।।
माँ आशापुरा माताजी की महिमा अति भारी।
माँ नाम जपे नर-नारी।।
माँ आशापुरा माताजी के हैं आज्ञाकारी।
श्रद्धा रखते समकित धारी।।
माँ आशापुरा माताजी प्रातः उठ जो ध्याता।
ऋद्धि सिद्धि सब संपत्ति पाता।।
माँ आशापुरा माताजी नाम जपे जो कोई।
उस घर में निज मंगल होई।।
नाडोल नगरी लाखों नर आवे।
श्रद्धा से परसाद चढावे।।
माँ आशापुरा माताजी आन पुकारे।
भक्तों के सब कष्ट निवारे।।
माँ आशापुरा माताजी दर्शन शक्ति-शाली।
दर से कोई न जावे खाली।।
आशापुरा माताजी जो नर नित उठ तुमको ध्यावे।
भूत पास आने नहीं पावे।।
डाकण छूमंतर हो जावे।
दुष्ट देव आडे नहीं आवे।।
मारवाड की दिव्य मणि हैं।
हम सब के तो आप धणी हैं।।
कल्पतरु है परतिख माँ आशापुरा माताजी।
इच्छित देता सबको माताजी।।
आधि व्याधि सब दोष मिटावे।
सुमिरत माँ आशापुरा माताजी शान्ति पावे।।
बाहर परदेशे जावे नर।
नाम मंत्र माँ आशापुरा माताजी का लेकर।।
चोघडिया दूषण मिट जावे।
काल राहु सब नाठा जावे।।
परदेशा में नाम कमावे।
धन बोरा में भरकर लावे।।
तन में साता मन में साता।
जो माँ आशापुरा माताजी को नित्य मनाता।।
मोटा डूंगर रा रहवासी।
अर्ज सुणन्ता दौड्या आसी।।
जो नर भक्ति से गुण गासी।
पावें नव रत्नों की राशि।।
श्रद्धा से जो शीष झुकावे।
माँ आशापुरा माताजी अमृत रस बरसावे।।
मिल जुल सब नर फेरे माला।
दौड्या आवे बादल-काला।।
वर्षा री झडिया बरसावे।
धरती माँ री प्यास बुझावे।।
अन्न-संपदा भर भर पावे।
चारों ओर सुकाल बनावे।।
माँ आशापुरा माताजी है सच्चा रखवाला।
दुश्मन मित्र बनाने वाला।।
देश-देश में माँ आशापुरा माताजी गाजे।
खूँट-खूँट में डंका बाजे।।
हो नहीं अपना जिनके कोई।
माँ आशापुरा माताजी सहायक उनके होई।।
नाभि केन्द्र से तुम्हें बुलावे।
माँ आशापुरा माताजी झट-पट दौडे आवे।।
भूख्या नर की भूख मिटावे।
प्यासे नर को नीर पिलावे।।
इधर-उधर अब नहीं भटकना।
माँ आशापुरा माताजी के नित पाँव पकडना।।
इच्छित संपदा आप मिलेगी।
सुख की कलियाँ नित्य खिलेंगी।।
माँ आशापुरा माताजी गण खरतर के देवा।
सेवा से पाते नर मेवा।।
नैन मूँद धुन रात लगावे।
सपने में वो दर्शन पावे।।
प्रश्नों के उत्तर झट मिलते।
रस्ते के संकट सब मिटते।।
माँ आशापुरा माताजी नित ध्यावो।
संकट मेटो मंगल पावो।।
माँ आशापुरा माताजी जपन्ता मालम-माला।
बुझ जाती दुःखों की ज्वाला।।
नित उठे जो चालीसा गावे।
धन सुत से घर स्वर्ग बनावे।।
माँ आशापुरा माताजी जपन्ता मालम-माला।
बुझ जाती दुःखों की ज्वाला।।
दोहा
माँ आशापुरा माताजी चालीसा पढ़े, मन में श्रद्धा धार।
कष्ट कटे महिमा बढ़े, संपदा होत अपार।।
Ashapura Mata Chalisa in Hindi